पूर्व प्रधान गजेंद्र सिंह, यशवंत सिंह, इंद्र सिंह कंडारी, ममंद अध्यक्ष हंसी रावत आदि ने कहा कि विभाग की ओर से बनाई गई रोड दो किमी तक जगह-जगह टूट गई है जबकि डामरीकरण जगह-जगह उखड़ गया और पुश्ते क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इस संबंध में सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज की गई लेकिन कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई।
ऐसे में ग्रामीणों ने इस सड़क पर अब डेथ रोड (मृत सड़क) के बैनर लगाकर विरोध जताया। ग्रामीणों ने निर्माणदायी विभाग ब्रिडकुल के कार्य की जांच की मांग भी उठाई और जल्द सड़क सुधारीकरण नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
सड़क के लिए आपदा मद से लगभग एक करोड़ से अधिक की लागत से डीपीआर शासन को भेजी गई है। इसके लिए लगातार शासन स्तर पर वार्ता की जा रही है। डीपीआर स्वीकृत होने पर सड़क का काम फिर से शुरू कर दिया जाएगा।
- अनिल नौटियाल, विधायक कर्णप्रयाग।