कारगिल बलिदानी विजय सिंह भंडारी के स्मारक का छह साल बाद भी पुनर्निर्माण नहीं हो पाया है। प्रेमनगर तिराहे पर बने स्मारक को 2019 में सड़क चौड़ीकरण के लिए ध्वस्त कर दिया गया था। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) के बीच रोड ट्रांसफर की लंबी प्रक्रिया के चलते स्मारक निर्माण के पिछले वादे को भुलाया जा चुका है जिससे बलिदानी के परिवार और स्थानीय लोगों में नाराजगी है।
बलिदानी की 66 वर्षीय मां रामचंद्री भंडारी ने अमर उजाला से अपनी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने कहा, मेरा इकलौता बेटा बलिदान हुआ था तब से उसका स्मारक ही याद और सम्मान था लेकिन उसे ऐसा तोड़ा कि उसकी नेमप्लेट तक हमें नहीं दी। यदि विकास कार्य की वजह से स्मारक को तोड़ना पड़ा तो कम से कम उसे दोबारा बना दो। वर्षों से सिर्फ टाल रहे हैं इस रवैये से पीड़ा होती है। उन्होंने यहां तक पेशकश की कि यदि विभाग उन्हें केवल जगह चिह्नित कर दे तो वे स्वयं अपने खर्च पर स्मारक का निर्माण करवा लेंगी।
वादों पर वादे और सब भूल गए
उत्तराखंड पहाड़ी महासभा के अध्यक्ष वीरू बिष्ट ने बताया कि 2019 में उच्चतम न्यायालय के आदेश पर स्मारक को ध्वस्त किया गया। राष्ट्रीय राजमार्ग के पूर्व अधिशासी अभियंता ओपी सिंह ने चार नवंबर 2019 को लिखित में आश्वासन दिया था कि काम पूरा होने के नौ महीने के भीतर स्मारक का फिर से निर्माण कर दिया जाएगा। यह भी कहा था कि अधिकारी संयुक्त रूप से स्थल का निरीक्षण कर उचित स्थान पर स्मारक का निर्माण करेंगे। यह वादा आज तक पूरा नहीं हुआ है। अब रोड ट्रांसफर प्रक्रिया में अधिकारी सब भूले हैं। यदि वादा पूरा नहीं हुआ तो स्थानीय लोग आंदोलन करेंगे।
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प्रेमनगर से बल्लूपुर की सड़क केंद्र सरकार के राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से राज्य के लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित की जा रही है और यह प्रक्रिया अभी चल रही है। रोड हैंडओवर होने के बाद इस प्रकरण पर विचार किया जाएगा और उचित कार्रवाई की जाएगी। - जितेंद्र त्रिपाठी, अधिशासी अभियंता, लोनिवि