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Kanwar Yatra : मोनू के जज्बे और भक्ति को हर किसी ने किया सलाम, सिर पर है फौजी का स्टेच्यू

Fri, 15 Jul 2022 05:43 AM IST
दुष्यंत शर्मा शिवा अग्रवाल, हरिद्वार

सार

गंगा स्नान कर कांवड़ के रूप में फौजी का स्टेच्यू लेकर निकले घर। ग्रेटर नोएडा के रहने वाले हैं मोनू। 
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सेवा और सम्मान... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कांवड़ मेले के पहले दिन लाखों कांवड़ियों के साथ ग्रेटर नोएडा के मोनू ने हर शख्स का दिल जीत लिया। भगवान शिव के प्रति आस्था के साथ-साथ मोनू में देश की सीमाओं पर खड़े जवानों के प्रति भी जज्बा दिखा। मोनू फौजी का स्टेच्यू सिर पर रखकर हरिद्वार से गंगाजल लेकर ग्रेटर नोएडा के लिए पैदल निकल पड़े। उनके जज्बे को हर किसी ने सलाम किया।   

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हरिद्वार में बीते दो साल बाद कांवड़ मेला बृहस्पतिवार से शुरू हो गया। लाखों कांवड़िए पहले दिन गंगाजल लेने पहुंचे। इन्हीं कांवड़ियों के बीच मोनू ने अपनी अलग छाप छोड़ी। मोनू ग्रेटर नोएडा के गांव छपरोला के रहने वाले हैं। 26 वर्षीय मोनू कांवड़ के रूप में एक फौजी का स्टेच्यू लेकर पहुंचे हैं। 

हरकी पैड़ी पर स्वयं स्नान करने के बाद उन्होंने स्टेच्यू को स्नान कराया। इसके बाद गंगाजल लिया और कांवड़ के रूप में फौजी के स्टेच्यू को सिर पर रखकर अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए।
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कांवड़ रूट पर पैदल सिर में फौजी का स्टेच्यू देखकर हर कोई हैरान रहा। लोगों ने उनके जज्बे को सलाम किया। मोनू ने बताया कि स्टेच्यू को वह बस में लेकर आए थे, लेकिन गंगा स्नान के बाद कांवड़ के रूप में सिर में रखकर ग्रेटर नोएडा के अपने गांव तक पैदल ही जाएंगे। 

मोनू ने बताया कि पुलवामा हमले की घटना ने उनको बहुत आहत किया। सैनिकों के सम्मान के लिए उन्होंने श्रावण में कांवड़ के रूप में फौजी के स्टेच्यू ले जाने का प्रण किया था। प्रण पूरा करने की शुरुआत हरिद्वार से कर दी है। 

उन्होंने बताया कि स्टेच्यू देखकर लोगों में देश और फौजी के प्रति सम्मान बढ़ेगा। उनका यही सपना है। मोनू के साथ यश, ऋतिक और पुष्कर भी साथ हैं, जो कांवड़ लेकर चल रहे हैं। मोनू ने बताया कि 2019 में वह कांवड़ लेकर जा चुके हैं। 

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