डेंगू मरीजों के उपचार में लापरवाही पर सख्त जिला अधिकारी ने दो अस्पतालों पर कार्रवाई कर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया। इन दोनों अस्पतालों में डेंगू मरीजों के उपचार से संबंधित व्यवस्थाओं में लापरवाही बरती जा रही थी।
सीएमओ के औचक निरीक्षण में लापरवाही पाए जाने के बाद सीएमआई एवं कनिष्क अस्पताल को उत्तराखंड महामारी अधिनियम के तहत नोटिस देकर 10-10 हजार का अर्थदंड लगाया गया। चेताया गया कि डेंगू मरीजों के इलाज में खिलवाड़ करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी सोनिका और सीएओ ने डेंगू मरीजों के उपचार का जायजा लेने के लिए शहर के कई चिकित्सालयों में औचक निरीक्षण किया था।
इस दौरान खामियां पाए जाने के बाद दोनों अस्पतालों को नोटिस भेजकर कहा गया है कि उत्तराखंड महामारी अधिनियम एवं क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट के तहत 10000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। तीन दिन में इसे जमा कराना अनिवार्य है।
यह मिलीं खामियां
नोटिस के अनुसार कनिष्क और सीएमआई अस्पताल में डेंगू से ग्रसित मरीजों के लिए आइसोलेशन वार्ड नहीं पाया गया। बेड पर लेटे डेंगू मरीजों के लिए मच्छरदानी की व्यवस्था भी नहीं मिली। चिकित्सालय में स्थापित पैथोलॉजी लैब संजना पैथोलॉजी लैब के नाम से संचालित हाेती मिली। यहां न तो पैथोलॉजिस्ट मिले और न ही लैब टेक्नीशियन की ओर से डेंगू जांच की कोई जानकारी दी गयी। लैब में प्लेटलेट काउंट की रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं कराई गई। प्लेटलेट 20 हजार से नीचे आने पर उसकी क्रॉस चेकिंग किसी अन्य लैब से करवाए जाने का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। डेंगू से संबंधित जांचों की रेंडम क्रॉस चेकिंग भी नहीं कराई गई।