कामना के हत्यारोपी सुपारी किलर गौरव शर्मा को लेकर राजस्थान गई पुलिस टीम ने रिंकू उर्फ अजय वर्मा के शव की फोटो से उसकी शिनाख्त कर ली है। कामना की हत्या की साजिश की पहली कड़ी में रिंकू को मौत के घाट उतारा गया था, ताकि हत्या में उसका नाम लेकर पुलिस को गुमराह किया जा सके। पिछले साल छह नवंबर को सदर फतेहपुर थाना क्षेत्र में उसका शव लावारिस बरामद हुआ था। पोस्टमार्टम में मौत की वजह गंभीर चोटें आई थीं, हालांकि अभी विसरा रिपोर्ट का इंतजार है। दून पुलिस अब रिंकू की हत्या का मुकदमा भी दर्ज करेगी।
पुलिस अधीक्षक नगर श्वेता चौबे के मुताबिक गौरव ने पुलिस टीम को वह जगह बताई जहां चार नवंबर 2018 को रिंकू का शव को फेंका गया था। आसपास के लोगों से बातचीत में पता चला कि छह नवंबर को वहां अज्ञात शव बरामद हुआ था। पुलिस ने राजस्थान के सदर फतेहपुर थाने में पहुंचकर पड़ताल की तो रिंकू के शव के फोटोग्राफ और कपड़े बरामद हो गए। टीम का नेतृत्व कर रहे नेहरू कालोनी थाना प्रभारी दिलबर नेगी ने व्हाट्सएप से फोटोग्राफ भेजे तो परिजनों ने रिंकू को पहचान लिया। रिंकू का शव अब तक लावारिस में दाखिल था और न ही कोई मुकदमा दर्ज किया गया था।
एसपी के मुताबिक रिंकू के शव की पहचान होने के बाद पूरे घटनाक्रम को साबित करना पुलिस के लिए आसान हो जाएगा। इसी के साथ आरोपियों के बयान भी सत्यापित हो गए हैं। जाहिर है कि कामना की हत्या से पहले पुलिस को गुमराह करने के लिए रिंकू की हत्या की गई थी।
यह था घटनाक्रम
नेहरू कालोनी की माता मंदिर रोड निवासी बुटीक संचालिका कामना रोहिल्ला की 29 अगस्त की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जबकि पति अशोक रोहिल्ला घायल हो गया था। पति अशोक ने इस मामले में अपने रिश्तेदार रिंकू उर्फ अजय वर्मा को आरोपित किया था। पुलिस ने मेरठ निवासी सुपारी किलर गौरव शर्मा और उसके भाई दीपक शर्मा को गिरफ्तार कर खुलासा किया था कि पति अशोक ने कामना की हत्या कराई थी। इससे पहले तीन नवंबर 2018 को रिंकू की हत्या कर शव को राजस्थान के जंगल में फेंक दिया गया था। हत्यारोपियों की योजना थी कि रिंकू के न मिलने के कारण पुलिस उन तक नहीं पहुंच पाएगी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी पति अशोक को भी जेल भेज दिया था।