उधर, पुलिस ने जेल में बंद गौरव शर्मा निवासी सरधना, मेरठ को सात दिन की रिमांड पर ले लिया है। विवेचक दिलबर नेगी रात को गौरव शर्मा को लेकर राजस्थान रवाना हो गए, ताकि पता चल सके कि हत्या के बाद रिंकू का शव कहां फेंका गया था?
पुलिस हिरासत में पत्नी और बेटी को याद कर अशोक खूब रोया। बोलता रहा, गलती हो गई। अलग हो जाता तो मुजरिम तो नहीं बनता। रिंकू का मर्डर पहले ही खुल जाता तो कामना बच जाती। रिंकू के मर्डर की गुत्थी न सुलझने के कारण उसका हौसला बढ़ गया था। अशोक बार-बार अपनी दो साल की बेटी से मिलने की गुहार लगाता रहा।