राज्य गठन के सालों बाद भी मसूरी से सटा कफुल्टी गांव सड़क सुविधा से वंचित है। इस गांव में अगर कोई बीमार पड़ जाता है तो उसे लोग मुख्य मार्ग तक पालकी या कुर्सी पर बैठाकर लाते हैं। इस दौरान कई बार मरीज की हालत बहुत गंभीर भी हो जाती है। वहीं जरूरत का सामान भी लोग सिर पर ढोने को मजबूर हैं।
मसूरी से सिर्फ छह किलोमीटर की दूरी स्थित जनपद टिहरी के जौनपुर विकासखंड के कफुल्टी गांव की कमला देवी के बीमार होने पर परिजनों ने गांव के लोगों के साथ मिलकर कुर्सी पर बैठाकर उन्हें कंधों पर ढोया और तीन किलोमीटर पैदल चलकर जोहड़ी गांव तक पहुंचाया। स्थानीय निवासी भगत ने बताया कि सालों से वह सड़क की बाट जोह रहे हैं, लेकिन आज तक उनकी मांग पूरी नहीं हुई।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य और भाजपा नेता रेखा डंगवाल ने बताया कि उनके गांव कफुल्टी से तीन किलोमीटर की खड़ी चढाई के बाद ग्रामीण जोहड़ी गांव तक पहुंचते हैं। ग्रामीणों को जरूरत के सामान को सिर ढोना पड़ता है। उधर, भाजपा के क्षेत्रीय विधायक प्रीतम सिंह पंवार ने बताया कि विधानसभा के जो गांव सड़क सुविधा से वंचित हैं, उन्हें सड़क से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में शासन को लिखित रूप से अवगत कराया गया है।