बताया कि उसे डेढ़ वर्ष पूर्व उसकी मौसी अपने साथ पहले हनुमानगढ़ राजस्थान ले गई थी। कुछ दिन हनुमानगढ़ में गुजारने के बाद मौसी मुजफ्फरनगर यूपी में एक संजू नाम के युवक के पास लेकर पहुंची थी।
मुजफ्फरनगर से फिर मौसी उसे राजेश निवासी सोलदा हरियाणा के पास ले गई। आरोप है कि मौसी ने उसे राजेश को पचास हजार की रकम लेकर बेच दिया। आरोपी राजेश ने उसके साथ कई माह तक दुष्कर्म किया और फिर अपने साले मंजीत पुत्र दिलेर सिंह निवासी डासा बॉर्डर हरियाणा को सौंप दिया।
आरोप है कि कई माह से मंजीत उसे बंधक बनाकर दुष्कर्म करता रहा। चार दिसंबर को मौका मिलने पर वह भाग निकलने में कामयाब रही। पीड़िता को उसकी मां बृहस्पतिवार शाम खड़खड़ी चौकी लेकर पहुंची और पुलिस को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। चौकी प्रभारी राजेंद्र रावत ने बताया कि आरोपी मौसी को गिरफ्तार कर लिया।
किशोरी की उम्र से जुड़ा कोई प्रमाण परिजन के पास नहीं है। इसलिए पुलिस मेडिकल परीक्षण के आधार पर उसकी अनुमानित उम्र जानेगी। यदि नाबालिग होने की बात सामने आती है तो पोक्सो एक्ट में भी कार्रवाई होगी।
मां ने नहीं की थी शिकायत
हैरानी की बात है कि बेटी डेढ़ साल से लापता थी लेकिन मां ने पुलिस को शिकायत करना जरूरी नहीं समझा। निम्न वर्ग से ताल्लुक रखने वाली किशोरी की मां जंगल से लकड़ी बीनकर बेचने का काम करती है।
महिला जब अपनी बेटी को लेकर खड़खड़ी चौकी पहुंची तब पुलिस ने भी डेढ़ साल से शिकायत न करने से जुड़ा सवाल पूछा तो महिला जवाब न दे सकी। एसपी सिटी ममता वोहरा ने बताया कि महिला ने शिकायत ही नहीं की थी, यदि पुलिस को वह शिकायत करती तो संभवत उसकी बेटी को पहले ही ढूंढ निकाल लिया गया होता।