जेईई मेन-1 परीक्षा में गणित के सवालों में गत वर्ष के रुझान कारगर साबित हो सकते हैं।
छह जनवरी से शुरू होने जा रही ऑनलाइन परीक्षा में गणित भी एक चुनौति से कम नहीं है। विशेषज्ञों के मुताबिक 40 प्रतिशत सवालों का पैटर्न सरल होता है।
-गत वर्षों में आए प्रश्न पत्रों के सवालों का ट्रेंड देखा जा सकता है। परीक्षा में लगभग हर चैप्टर से प्रश्न आते हैं।
-गणित में यह बात अहम है कि यह अभ्यास का विषय है। यानी जितना ज्यादा अभ्यास करेंगे, उतना ही बेहतर होगा।
-मॉक टेस्ट जरूर हल करें, इससे आपकी पकड़ मजबूत होने के साथ ही समय का प्रबंधन भी आसान हो जाता है।
-ग्राफिकल एप्रोच गणित के सवालों को हल करने में बहुत सहायता करती है। अगर आप ग्राफ बना लेते हैं तो कैलकुलस के कई सवाल चुटकियों में हल हो जाते हैं।
-जोड़ और घटाव की छोटी से छोटी गलतियां करने से परहेज करें।
-ओएमआर शीट पर उत्तर मार्क करते वक्त सावधानी बरतें।
-फंक्शन थ्योरी पर अपनी पकड़ मजबूत करें क्योंकि बहुत से सवालों में इसका प्रयोग होता है।
-रफ कार्य करते समय साफ साफ लिखें क्योंकि अक्सर जल्दबाजी में गलत लिखा जाता है और वह सवाल हल नहीं हो पाता है।
-प्रश्न पत्र मिलने के बाद दो तीन मिनट आसान सवालों की खोज में लगाएं। 30 से 40 प्रतिशत गणित के सवाल आसान और घुमावदार होते हैं।
-किसी भी सवाल में उलझने के बजाए जरूरी है कि आप एक सवाल को दो से तीन मिनट में सुलझाने का प्रयास करें। वक्त बर्बाद न करें।
-जिन टॉपिक पर आपकी पकड़ अच्छी है, उन पर ध्यान दें लेकिन फार्मूले और कांसेप्ट सभी टॉपिक्स के याद होने चाहिएं।
-कभी भी उत्तर को आखिर में मार्क करने के लिए न छोड़ें। इससे गलती होने की संभावना बढ़ जाती है।
(अचीवर्ज क्लासेज के सीईओ और गणित के विशेषज्ञ मनु पंत के मुताबिक)