तहसील के ग्राम गांगरौ निवासी 17 वर्षीय छात्रा सृष्टि ने राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू को स्वलिखित कविता भेंट की है। कविता में जनजाति क्षेत्र की एक महिला का संघर्ष और उसके राष्ट्रपति बनने तक की गाथा का वर्णन किया गया है। बाल दिवस पर उत्तराखंड से दिल्ली गए छात्र-छात्राओं के एक दल में सृष्टि शामिल हुई थीं। छात्रा ने बताया कि राष्ट्रपति महिला होने के साथ जनजाति समुदाय से हैं। वह जनजाति समुदाय की बालिकाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी हैं। उन्होंने बताया कि संयोग से राष्ट्रपति भवन जाने का मौका मिलने पर उन्हें कविता भेंट करने का मौका मिला। छात्रा की इस उपलब्धि पर ग्राम गांगरौ के प्रधान सिकंदर चौहान, सुनील प्रकाश, सुशील कुमार आदि ने हर्ष व्यक्त करते हुए छात्रा के प्रयास की सराहना की है। संवाद