विद्युत उत्पादन से सालाना 30 करोड़ आय का अनुमान
हल्द्वानी। जमरानी जल विद्युत परियोजना से सालाना 63.4 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन होगा। एक अनुमान के मुताबिक इससे सालाना आय करीब 30 करोड़ तक हो सकती है। ये बिजली नेशनल ग्रिड को जाएगी। उत्तराखंड को इस ऊर्जा का 12 प्रतिशत अंश रॉयल्टी के रूप में प्राप्त होगा। इससे राज्य को मुफ्त बिजली मिलने के साथ ही बिजली की निर्बाध आपूर्ति भी सुनिश्चित की जा सकेगी।
ऐसे काम करती है जल टरबाइन
हल्द्वानी। पानी को बड़े पाइपों के जरिए पावर हाउस तक लाया जाता है। पावर हाउस में जल की शक्ति टरबाइनों को गोल-गोल घुमाती है। इस निरंतर गति से एक बल उत्पन्न होता है जिससे विद्युत शक्ति का निर्माण किया जाता है। टरबाइनों की सहायता से जेनेरेटरों को चलाया जाता है। इसमें एक आर्मेचर तार एक शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करता है। इससे टरबाइन की यांत्रिक ऊर्जा विद्युत में परिवर्तित होती है। ट्रांसफार्मर से जेनेरेटरों में उत्पन्न प्रत्यावर्ती करंट को उच्च वोल्टेज करंट में परिवर्तित किया जाता है जो दूरस्थ पारगमन के लिए उचित होता है।
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जमरानी बांध परियोजना से 14 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जाना प्रस्तावित है। इसकी जिम्मेदारी यूजेवीएनएल के पास है। 120 करोड़ की लागत से पावर प्लांट का निर्माण किया जाएगा।
- बीबी पांडे, उपमहाप्रबंधक, जमरानी बांध परियोजना इकाई