सेलाकुई। सेलाकुई में सात दिवसीय शिव महापुराण कथा के दूसरे दिन कथा व्यास बाबा शिवोहम ने कहा कि माता सती भगवान शिव के मना करने पर भी प्रजापति दक्ष के यज्ञ में पहुंची। बिना बुलाए अपने पिता के घर गईं। अपमान का सामना न करते हुए अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। उन्होंने कहा कि शिव पुराण की कथा हमें उपदेश देती है कि जीवन साथी व अपने गुरु पर विश्वास व श्रद्धा होनी जरूरी है। बिन बुलाए मेहमान और बिना परिवार की आज्ञा से कहीं पर भी जाना शुभ नहीं होता। कहा कि शिव पुराण की कथा हमें जीवन जीने की कला सिखाती है। उन्होंने कहा कि हमें भगवान शिव की भक्ति उनकी गाथाओं का श्रवण करना चाहिए, ताकि हमारा मानस जन्म सुखमय बन सके। इस मौके पर हरीश गुप्ता, सीमा गुप्ता, शिवम, विवेक आदि उपस्थित रहे। संवाद