आईएसबीटी पर सड़कों की बदहाली के मर्ज का इलाज सीएम पुष्कर सिंह धामी के आदेशों के बाद भी नहीं हो पा रहा है। खुद सीएम ने 58 दिन पूर्व आईएसबीटी पहुंचकर यहां सड़कों की हालत सुधारने के आदेश जिम्मेदार अफसरों को दिए थे, लेकिन निर्माणदायी संस्थाओं ने इसके बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया।
इन 58 दिनों में सड़कों की हालत ठीक होने के बजाय और खस्ताहाल हो गई है। गड्ढों और उड़ती धूल के कारण आईएसबीटी के आसपास जीना मुहाल हो रहा है। स्थानीय निवासी और राहगीर तो दूर यहां किया गया सौंदर्यीकरण और पौधारोपण भी धूल की चपेट में आकर बेनूर हो चुके हैं। इसके बाद भी इस ओर किसी का ध्यान नहीं है।
-
एमडीडीए से शुरू सर्विस रोड पर भूलकर मत चलिए
अगर आप सहारनपुर की दिशा से आ रहे हैं और ओवरब्रिज के ऊपर से निकल गए तब तो गनीमत है, लेकिन अगर आपको हरिद्वार जाना है तो सर्विस रोड से जाना आपकी मजबूरी होगी। इस सर्विस रोड पर चलते ही मुसीबतों का अंबार शुरू हो जाता है। राजा राम मोहन राय स्कूल के सामने से वाहनों की लंबी कतार हर समय खड़ी मिलती है। सड़क के गड्ढे और ओवरब्रिज के नीचे सिटी बसों और टैंपो का अवैध स्टैंड इस सर्विस रोड को हर समय चोक रखता है। इससे आईएसबीटी के चारों तरफ का ट्रैफिक ध्वस्त हो जाता है।
विधायक चमोली और सांसद निशंक की भी नहीं सुनी
विधायक विनोद चमोली, सांसद रमेश पोखरियाल निशंक और मेयर सुनील उनियाल गामा भी आईएसबीटी के बाहर सड़कों का निरीक्षण कर चुके हैं। एनएच, लोनिवि और अन्य विभागों के अफसरों को जल्द से जल्द सड़कों की मरम्मत के निर्देश दिए गए। इसके बाद भी यहां की हालत में कोई सुधार नहीं है।
सुंदरता बढ़ाने के बजाय सुना रहे बदहाली की कहानी
आईएसबीटी को हमेशा दून का आईना कहा गया, लेकिन इन दिनों आईएसबीटी के बाहर सड़कों का जो हाल है, वैसा कभी नहीं रहा। आईएसबीटी गेट से चारों ओर सड़क के गहरे-गहरे गड्ढे यात्रियों का स्वागत करते हैं। इन गड्ढों के कारण वाहन चालक गिरकर घायल हो रहे हैं। वाहनों का जाम यहां भयंकर प्रदूषण कर रहा है। इससे आसपास का पूरा क्षेत्र और दीवारों पर किया गया रंग रोगन, पेंटिंग्स, पौधे इत्यादि सभी प्रभावित हैं। यह सुंदरता बढ़ाने के बजाय आईएसबीटी की बदहाली की कहानी सुना रहे हैं।
-
खराब अनुभव लेकर जा रहे पर्यटक
यूपी की सीमा से प्रवेश करते ही सबसे पहले पर्यटक आईएसबीटी पहुंचते हैं और प्रदूषण, गड्ढे, धूल और जाम का अनुभव लेकर लौटते हैं।
नेताओं के दौरे तो होते, नहीं सुधरते हालात
-
लंबे समय से आईएसबीटी के आसपास की सड़कें खराब हैं। मुख्यमंत्री से लेकर विधायक और मेयर तक कई बार यहां दौरा कर चुके हैं, लेकिन आज तक सड़कों का निर्माण नहीं हो पाया है। जिसके कारण यहां जाम लगता है। इसका सीधा असर हमारे व्यापार पर पड़ रहा है। लोग यहां रुकने को तैयार नहीं है।
- बॉबी अरोड़ा, दुकानदार
सड़क के गहरे गड्ढे वाहन चालकों के लिए सिरदर्द बन गए हैं। कई दोपहिया वाहन चालक इन गड्ढों और बजरी में फिसलकर चोटिल हो जाते हैं, लेकिन जिम्मेदार सुध लेने को तैयार नहीं हैं।
- सतबीर सिंह, दुकानदार
यहां समस्याओं की भरमार है। सड़क इतनी खराब है कि बजरी उछलकर दुकानों में आ रही हैं। मैं खुद भी इससे चोटिल हो चुका हूं। सड़क पर वाहनों के रपटने से हर रोज लोग घायल हो रहे हैं।
एमएल यादव, स्थानीय निवासी
-
बारिश के कारण यहां सड़कों का मरम्मत का कार्य नहीं किया गया। अब बारिश खत्म हो चुकी है। पंद्रह सितंबर से आईएसबीटी पर सड़कों का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। इस बार आईएसबीटी के चारों ओर सीमेंट की सड़क का निर्माण किया जाएगा। जिससे कि जलभराव की स्थित में सड़क को ज्यादा नुकसान न हो।
प्रवीण कुमार अधिशासी अभियंता एनएच डोईवाला खंड