कुछ अभ्यर्थियों का आरोप था कि लिखित परीक्षा में अधिक अंक होने के बावजूद इंटरव्यू में उन्हें कम अंक देकर बाहर कर दिया गया। इसके बाद सरकार ने अब प्रवक्ताओं की भर्ती में इंटरव्यू की व्यवस्था खत्म कर दी है।
संशोधित नियमावली में कहा गया है कि प्रवक्ता पदों के लिए शैक्षणिक अर्हता अब लोक सेवा आयोग की परिधि के अंतर्गत एवं बाहर समूह ग के पदों की भर्ती के लिए अनिवार्य अर्हता नियमावली 2010 समय-समय पर यथासंशोधित प्रावधानों के अनुसार होगी।
वहीं हिंदी प्रवक्ता पद के लिए संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी से शास्त्री की परीक्षा के प्रमाण पत्र की अनिवार्यता को भी खत्म कर दिया गया है। अब देश में विधि द्वारा स्थापित किसी भी विश्वविद्यालय से संस्कृत विषय के साथ स्नातक या देश में विधि द्वारा स्थापित किसी विश्वविद्यालय से शास्त्री की उपाधि वाला भी हिंदी का प्रवक्ता बन सकेगा।
प्रदेश में प्रवक्ताओं के हैं इतने पद
प्रवक्ता सामान्य शाखा के पद 11156 और प्रवक्ता महिला शाखा के पद 1349 है। संशोधित नियमावली में अधिमानी अर्हता के रूप में अब नेशनल कैडेट कोर के सी प्रमाण पत्र को भी शामिल किया गया है। जबकि पूर्व में नेशनल कैडेट कोर का केवल बी प्रमाण पत्र शामिल था। अब बी या सी दोनों प्रमाण पत्र शामिल किए गए हैं।