हरिद्वार में बीते दिनों हुए एक विवाद को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से ढाबे, रेस्टोरेंट और अन्य दुकानदारों को पहचान उजागर करने के संबंध में निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो इसके लिए यह करना जरूरी है। ताकि, शिव भक्तों की भावनाएं आहत न हों।
बता दें कि पिछले दिनों उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से कांवड़ मार्ग पर दुकानदारों को पहचान उजागर करने संबंध आदेश जारी किए गए थे। इन आदेशों की चारों ओर चर्चा हुई और इसे लेकर विवाद भी शुरू हो गया था। इसी क्रम में पिछले दिनों उत्तराखंड में भी इसी तरह के निर्देश जारी किए गए हैं। इनकी भी इन दिनों खासी चर्चा हो रही है। ऐसे में इस संबंध में एडीजी कानून व्यवस्था का कहना है कि कांवड़ यात्रा एक धार्मिक यात्रा है। ऐसे में मार्ग पर शिव भक्तों के साथ ऐसा कुछ न हो जिससे उनकी भावनाएं आहत हों। लिहाजा, ढाबो, रेस्टोरेंट आदि पर उनके मालिकों को प्रोपराइटरशिप यानी मालिक का नाम लिखना आवश्यक किया गया है।
इसके साथ ही रेस्टोरेंट में क्या परोसा जा रहा है और किस प्रकार का खाना है यह जानकारी भी बोर्ड पर लिखनी होगी। बता दें कि पिछले दिनों हरिद्वार क्षेत्र में शिव भक्तों का एक ढाबा संचालक से विवाद हो गया था। हुआ ये था कि ढाबे में प्याज और लहसुन आदि से तैयार हुआ खाना परोसा गया था। शिव भक्त यात्रा के दौरान इस तरह के भोजन से परहेज करते हैं। इसी बात को लेकर विवाद हुआ। ऐसे में ऐसा दोबारा न हो इसके लिए पुलिस प्रशासन को यह निर्णय लेना पड़ा है।