स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के महानिदेशक डॉ. कल सिंह बिष्ट ने सीएचसी साहिया और चकराता का निरीक्षण किया। इस दौरान कई खामियां मिलने पर नाराजगी जताई। दोनों ही अस्पतालों में विशेषज्ञों की नियुक्ति और अल्ट्रासाउंड जांच के लिए मशीन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। सीएचसी साहिया के निरीक्षण में आईपीडी और पैथोलॉजी लैब में कुछ खामियां पाई गई। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के महानिदेशक ने अस्पताल के प्रभारी चिकित्साधिकारी को सुधार कर विभाग को रिपोर्ट करने के लिए कहा। इस दौरान अस्पताल में सर्जन, हड्डी रोग विशेषज्ञ, एनेस्थेटिस्ट, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ की लंबे समय से तैनाती न होने की बात सामने आई। ग्रामीणों ने बताया कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच की भी सुविधा नहीं है। सीएचसी पर 104 गांवों के ग्रामीण उपचार के लिए निर्भर है, लेकिन अस्पताल में 30 बेड ही हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के महानिदेशक ने एसीएमओ डॉ. दिनेश चौहान को विशेषज्ञों की नियुक्ति और अल्ट्रासाउंड जांच मशीन की व्यवस्था के लिए कहा। सीएचसी चकराता के निरीक्षण के दौरान भी ग्रामीणोें ने सर्जन, हड्डी रोग विशेषज्ञ, एनेस्थेटिस्ट, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति और अल्ट्रासाउंड जांच न होने की बात बताई। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के महानिदेशक ने एसीएमओ को कार्यवाही के लिए निर्देशित किया। दिलऊ उपकेंद्र में ग्रामीणों ने डीजी को स्टाॅफ की कमी की जानकारी दी। जबकि, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पजिटीलानी में एक्सरे जांच सुविधा की मांग की गई। इस दौरान सयुंक्त निदेशक (स्टेटिक्स) निखिल कुमार अग्रवाल, वरिष्ठ सलाहकार जावेद खान, परियोजना लीडर शुभम त्यागी, परामर्शदाता डॉ. आदित्य कुमार, प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. विक्रम सिंह तोमर, डॉ. प्रदीप उनियाल, महिला चिकित्साधिकारी डॉ. ममता नेगी, फार्मासिस्ट आजाद चौधरी आदि उपस्थित रहे।