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Iकई तकनीकी संस्थानों की ओर से छात्रों के सेशनल और प्रैक्टिकल अंकों को उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय के यूएमएस (यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट पोर्टल) पर अपलोड नहीं किया जा रहा है। जिसके चलते ऐसे संस्थानों के छात्रों के परीक्षा परिणाम अधर में लटक सकते हैं। विवि ने चेतावनी जारी की है कि यदि प्रायोगिक अंकों को अपलोड नहीं किया जाता है तो रिजल्ट रोके जाने के लिए संस्थान स्वयं जिम्मेदार होंगे।I
Iउत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डाॅ. वीके पटेल की ओर से सम सेमेस्टर 2023-24 के परीक्षाफल को लेकर संस्थानों के निदेशकों को पत्र जारी किया गया है। जिसमें बताया गया है कि कई संस्थानों की ओर से थ्योरी, सेशनल एवं प्रैक्टिकल आदि के अंकों को यूएमस पोर्टल पर अपलोड नहीं किया गया है। ऐसी स्थिति में इन संस्थाओं के परीक्षा परिणाम लंबित हैं। ऐसे में परीक्षा परिणाम घोषित नहीं होने से छात्रों को जो नुकसान होगा, उसकी जिम्मेदारी संबंधित संस्थानों की होगी। वहीं, दूसरी ओर सम सेमेस्टर परीक्षा की कॉपियों की ऑनलाइन जांच नहीं करने वाले शिक्षकों को लेकर भी विवि ने आपत्ति जताई है। साथ ही संस्थान निदेशकों से कॉपियों की जांच का काम गंभीरता के साथ पूरा कराने कहा है।I
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परिणाम में देरी से समर सेमस्टर का भी नहीं मिलेगा लाभI
Iसेशनल और प्रैक्टिकल अंकों के कारण परीक्षा परिणाम में देरी होती है तो फेल होने वाले छात्राें को नुकसान होगा। क्योंकि इस बार फेल होने वाले छात्रों को मौका देने के लिए समर सेमेस्टर की व्यवस्था की गई है। जिसमें छात्रों को निर्धारित समय के लिए क्लासेज लेनी होगी और इसके बाद जुलाई माह में प्रस्तावित समर सेमेस्टर परीक्षा में भाग लेकर आगामी कक्षाओं में प्रवेश के लिए न्यूनतम क्रेडिट हासिल कर सकेंगे।I