पहली बार नहीं होंगे अफगान कैडेट
भारतीय सैन्य अकादमी की पासिंग आउट परेड में 10 वर्षों में पहली बार कोई अफगान कैडेट नहीं होगा। वर्ष 2011 में दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी के तहत भारतीय सैन्य अकादमी ने अफगान कैडेटों को प्रशिक्षित करना शुरू किया था। बीती 11 जून को आयोजित परेड में 43 अफगान कैडेट का आखिरी बैच अकादमी से पास आउट हुआ था। ये युवा तालिबान के अफगानिस्तान पर कब्जे से पहले यहां आए थे।
तालिबान के कब्जे के बाद अफगान नेशनल आर्मी का अस्तित्व समाप्त हो गया। जिससे आईएमए और अन्य रक्षा संस्थानों में उनका प्रशिक्षण भी बंद हो गया है। हालांकि ये कैडेट अभी इंडिया में ही हैं। भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय द्वारा इन कैडेट को अलग-अलग जगहों पर रखा गया है। जानकारी के अनुसार इन कैडेट को अलग-अलग कोर्स कराए जा रहे हैं।