फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

India-Pakistan Tension: देश के प्रथम गांव में होने वाले पुष्कर कुंभ के आयोजन पर संशय, बुकिंग हो रही कैंसिल

Sun, 11 May 2025 12:12 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, गोपेश्वर/ज्योतिर्मठ।

सार

माणा गांव के पास अलकनंदा व सरस्वती के संगम पर 12 साल में दक्षिण भारत के श्रद्धालु पुष्कर कुंभ का आयोजन करते हैं।
विज्ञापन
माणा में सरस्वती नदी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

माणा गांव में 12 साल बाद लगने वाले पुष्कर कुंभ के भव्य आयोजन पर संशय के बादल हैं। भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के चलते हवाई सेवाएं प्रभावित होने से इस आयोजन में श्रद्धालुओं के सीमित संख्या में ही पहुंच पाएंगे। हालांकि अभी आयोजकों की ओर से इसको लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई है।

विज्ञापन


माणा गांव के पास अलकनंदा व सरस्वती के संगम पर 12 साल में दक्षिण भारत के श्रद्धालु पुष्कर कुंभ का आयोजन करते हैं। इस बार 14 से 26 मई तक इसका आयोजन होना है। अभी तक इसमें सीमित संख्या में ही श्रद्धालु पहुंचते थे। लेकिन इस बार बताया जा रहा है कि इसको भव्य रूप से आयोजित किया जा रहा है और एक से डेढ़ लाख श्रद्धालु इसमें शामिल होने के लिए आ रहे हैं। लेकिन वर्तमान हालात के चलते इसके भव्य आयोजन को लेकर संशय बना हुआ है। दक्षिण भारत से ज्यादातर श्रद्धालु हवाई मार्ग से पहुंचते हैं। कम लोग ही ट्रेन या अन्य वाहनों का उपयोग करते हैं। लेकिन वर्तमान में हवाई सेवाओं के संचालन पर आशंका है, जिससे बड़ी संख्या में लोग पहुंच पाएंगे या नहीं संशय बना हुआ है।

माणा गांव के प्रधान/प्रशासक पीतांबर मोल्फा का कहना है कि इस पुष्कर कुंभ का आयोजन अष्टाक्षरी के संत जिनाजियर स्वामी के नेतृत्व में हो रहा है। अभी तक उनके या अन्य किसी आयोजक ने इस बारे में उनसे संपर्क नहीं किया है। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में दक्षिण भारत से शामिल होने के लिए जिन लोगों ने होटल या अन्य जगह बुकिंग कराई हैं उनमें कई ने रद्द करा दिया है। संभव है कि रविवार या सोमवार तक इस आयोजन को लेकर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
विज्ञापन


Uttarakhand Weather: देहरादून समेत पहाड़ी जिलों में आज भी बदला रहेगा मौसम, तेज दौर की बारिश का येलो अलर्ट

विज्ञापन

मिथुन राशि का बृहस्पति में प्रवेश होने पर बनता है पुष्कर कुंभ का संयोग
बदरीनाथ के पूर्व धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने बताया कि दक्षिण भारत की परंपरा के तहत बृहस्पति जब भी राशि परिवर्तित करता है तब कुंभ का आयोजन होता है। प्रतिवर्ष अलग-अगल नदियों में कुंभ का आयोजन किया जाता है। प्रत्येक 12 वर्षों में बृहस्पति मिथुन राशि में प्रवेश करता है तो माणा गांव में स्थित सरस्वती नदी के संगम पर पुष्कर कुंभ का आयोजन होता है। दक्षिण भारत में अधिकांश वैष्णव समुदाय के लोग रहते हैं। वे विष्णु भगवान को मानते हैं। इसी कारण पुष्कर कुंभ का आयोजन बदरीकाश्रम क्षेत्र में होता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें