सीमांत क्षेत्रों में विकास का ढांचा मजबूत करना होगा
सीमाओं की सुरक्षा के लिए तरुण विजय सीमांत क्षेत्रों में विकास का ढांचा मजबूत करने की आवश्यकता जताते हैं। उनके मुताबिक, विकास के ढांचे को सशक्त किए बगैर सुरक्षा की तैयारी अधूरी है। इसलिए गांवों से पलायन रोकने, सीमा दर्शन योजना पर जोर देने, 12 महीने खुली रहने वाली सड़कें तैयार करने, सीमांत क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को हर हाल में मजबूत करने की योजना पर गंभीरता से काम करना होगा।
3488 किमी सरहद पर चीन नजर
राज्य सीमा (किमी में)
उत्तराखंड 345
हिमाचल 200
जम्मू और कश्मीर 1597
सिक्किम 220
अरुणाचल प्रदेश 1126
पिथौरागढ़ से सटी चीन सीमा पर फिलहाल शांति
सीमांत जिले पिथौरागढ़ जिले की करीब 136 किमी लंबी सीमा चीन से लगती है। पिथौरागढ़ जिले में समुद्र तल से दस हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित रिलकोट, 8,898 फीट की ऊंचाई पर पर स्थित बुगडियार, 16,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित दुंग चौकियां चीन के करीब हैं। समुद्र तल से 14,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित चीन सीमा से लगी दारमा घाटी की अंतिम चौकी दावे और व्यास घाटी के 14,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित नाभीढांग सहित कई अन्य क्षेत्रों में सुरक्षा एजेंसियों ने गश्त बढ़ा दी है। फिलहाल पिथौरागढ़ जिले की चीन सीमा पर शांति है।
लिपुलेख तक सड़क बनने के बाद नेपाल को भी भड़का रहा चीन
सीमा सड़क संगठन बीआरओ ने चीन सीमा तक लिपुलेख तक सड़क पहुंचा दी है। इससे टेंशन में आए चीन ने नेपाल को भड़काना शुरू कर दिया है। चीन के भड़कावे में आकर नेपाल कालापानी को अपना बताता है। उसने कुछ समय पहले कालापानी को अपना बताकर नक्शा भी जारी किया था। तबसे नेपाल सीमा पर भी एसएसबी ने पहले की तुलना में गश्त बढ़ा दी है। नेपाल भी भारत सीमा पर कई बीओपी बना रहा है।