वार्ड परिसीमन में कांग्रेसियों ने नगर निगम के अधिकारियों पर भाजपा नेताओं के इशारे पर काम करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इसके विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर निगम का घेराव करते हुए प्रदर्शन किया। कांग्रेसियों ने जमकर नारेबाजी की। सिटी मजिस्ट्रेट के मौके पर पहुंचने पर ज्ञापन सौंपा।
सोमवार को कांग्रेस महानगर अध्यक्ष जसविंदर गोगी के नेतृत्व में कार्यकर्ता नगर निगम पहुंचे। जसविंदर गोगी ने कहा कि नगर निगम ने वार्डों का परिसीमन पूरा कर अंतिम सूची का प्रकाशन भी कर दिया है। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों पर परिसीमन के दौरान भेदभाव करने का आरोप लगाया। कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को परिसीमन पर जरूरी सूचनाएं तक नहीं दी गई। अनंतिम सूची के आधार पर कांग्रेस से जुड़े लोगों और निवर्तमान पार्षदों ने जहां-जहां परिसीमन पर आपत्ति दाखिल की थी उन पर कोई कार्रवाई नहीं की। आरोप लगाया कि परिसीमन और आरक्षण तय करने का काम सत्ताधारी दल को लाभ पहुंचाने के लिए किया गया है।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने स्ट्रीट लाइट की मरम्मत, सड़कों के पेचवर्क आदि के कार्यों को तत्काल पूरा करने की मांग की। नगर निगम पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह को ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर मनीष नागपाल, निवर्तमान पार्षद नीनू सहगल, रमेश कुमार मांगू ,अमित भंडारी, महेंद्र सिंह रावत, सचिन थापा, अभिनव थापर, सोनिया आनंद, कोमल वोहरा, संगीता गुप्ता, इलियास अंसारी, हुकुम सिंह गडरिया, मुकेश सोनकर, मोहन गुरंग, मुनीक अहमद, आलोक मेहता, सज्जाद अंसारी, देवेंद्र कुमार, रिपू दमन और जगदीश दीवान आदि मौजूद रहे।
Iदोबारा परिसीमन किए जाने की मांगI
कांग्रेस के पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने परिसीमन पर आपत्ति दर्ज कराई। कहा कि देहरादून नगर निगम चुनाव के लिए सभी 100 वार्डों के परिसीमन को शासन ने स्वीकृति दे दी गई है। लेकिन परिसीमन की कमियां दूर नहीं हुई है। कहा कि नए सिरे से परिसीमन कराया जाए। नियमानुसार प्रत्येक वार्ड के लिए लगभग आठ हजार जनसंख्या होनी चाहिए, लेकिन कई वार्डों में जनसंख्या 10 हजार से अधिक है।