रस्सी से गला घोटकर की थी भाई की हत्या
हत्या के सात साल पुराने मामले में अपर सत्र न्यायाधीश विकासनगर की अदालत ने भाई को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 10 हजार का आर्थिक दंड भी लगाया है। आर्थिक दंड न देने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास काटना होगा।
9 फरवरी 2016 को ग्राम प्रधान तिलवाड़ी की प्रधान रेखा चौधरी के पति संदीप चौधरी ने पुलिस चौकी सेलाकुई थाना सहसपुर को सूचना दी कि बिरसनी और दुधई गांव के बीच स्थित खाले में घास काटने गई महिलाओं ने झाड़ियों के बीच एक बोरे में लाश देखी है। जिसके पैर बोर से बाहर थे। शव की पहचान गांव के बलवीर के रूप में हुई। मौके पर पहुंची पुलिस को मृतक की जेब से एक प्रार्थना मिला मृतक के गले में प्लास्टिक की रस्सी बंधी थी। बोरा जूट और सुतली का था। बारे से सफेद दानेदार नमक मिला था। पुलिस को संबोधित प्रार्थना पत्र में मृतक ने बड़े भाई जगबीर सिंह पर जमीन हड़पने का आरोप लगाए थे। जिस आधार पर पुलिस ने जगबीर को गिरफ्तार कर उसकी निशादेही पर वारदात में प्रयुक्त रस्सी बरामद की थी। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नरेश चंद्र बहुगुणा ने बताया कि उन्होंने केस से जुड़े 16 लोगों की गवाही कराई।
स्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के दोनों तरफ की पसलियां टूटी मिली थीं। रस्सी से गला घोटने से मौत का कारण बताया गया था। मृतक के शरीर पर नीले निशान मिले थे। उन्होंने बताया कि बचान पक्ष और अभियोजन पक्ष की बहस सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश विकासनगर राहुल गर्ग ने जगबीर को भाई बलवीर की हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी पहले से ही जेल में है।