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सरस्वती कला मंच की ओर से आयोजित की जा रही रामलीला में भगवान राम ने विद्या और अविद्या के अंतर को स्पष्ट किया। कलाकारों ने शूर्पणखा के आने और उसके नाक काटने की लीला का मंचन किया।
रामलीला के पहले दृश्य में पंचवटी पर भगवान राम, सीता और लक्ष्मण विराजमान थे। लक्ष्मण श्रीराम से सवाल करते हैं कि विद्या और अविद्या में क्या अंतर है। तब राम कहते हैं कि विद्या महा सुख देने वाली होती है और अविद्या महा दुख देने वाली होती है। इसी बीच वहां शूर्पणखा पहुंचती है और प्रभु राम से विवाह का प्रस्ताव रखती है। इसे राम स्वीकार नहीं करते हैं। इसके बाद वह लक्ष्मण के सामने भी अपने विवाह का प्रस्ताव रखती है। जब वह भी प्रस्ताव को ठुकरा देते हैं तो शूर्पणखा गुस्से में आकर भयंकर रूप धारण कर लेती है और सीता पर झपट पड़ती है। इस दौरान लक्ष्मण उसकी नाक काट देते हैं। इसके बाद वह अपने भाई के पास जाती है और उनसे सारी बात बताती है। इसके बाद खर और दूषण पंचवटी पहुंचकर भगवान राम को ललकारते हैं। इस दौरान युद्ध होता है और दोनों का वध हो जाता है।
रामलीला का उद्घाटन कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष संजय किशोर ने किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को भगवान राम के आचरण को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए। इस दौरान अध्यक्ष विनीत रोहिल्ला, नवनीत वर्मा, आस्था गुप्ता, भावना क्षेत्री, प्रदीप ठाकुर, लक्ष्मी कोठियाल, मोहम्मद अर्शी, रिंकू कन्नौजिया आदि शामिल रहे।
Iअक्षय कुमार वध का किया गया मंचनI
डाकपत्थर के नेहरू मार्केट में चल रही रामलीला में अक्षय कुमार वध और रावण सीता संवाद की लीला का मंचन किया गया। इसके पहले सामाजिक कार्यकर्ता सुबोध गोयल ने रामलीला का उदघाटन किया। रामलीला में समिति के अध्यक्ष चंद्रपाल सक्सेना, सचिव पंकज नैथानी, अंशित तिवारी, अमन पाल, हिमांशु ठाकुर, निखिल सिंघल, मृदुल रावत, विक्की, कामेश्वर सेमवाल, मोहन, अभिनव चौहान, जगदीश जोशी, अमित जोशी आदि मौजूद रहे।