पड़ोसी राज्य उप्र में रेरा ने कहा कि डेवलपर फ्लैटों की बिक्री कारपेट एरिया के आधार पर करें। रेरा एक्ट में सुपर एरिया जैसा कोई शब्द नहीं है। यूके रेरा (उत्तराखंड भू-संपदा नियामक प्राधिकरण) ने भी इस पर अपनी सहमति जताई है। कहा, अब सुपर एरिया के नाम पर बायर्स को भ्रमित नहीं किया जा सकता। फ्लैट या अपार्टमेंट की बिक्री सिर्फ ''''कारपेट एरिया'''' के आधार पर ही की जाए। बायर्स को जो अन्य कामन एरिया दिया जाए, उसका अलग से ब्रेकअप हर हाल में प्रदान किया जाए।
गौरतलब हो कि यूपी रेरा की ओर से स्पष्ट किया गया कि रेरा एक्ट में सुपर एरिया कोई शब्द ही नहीं है। कारपेट एरिया ही असली क्षेत्रफल है। इसी के आधार पर बायर्स से पेमेंट लिया जाए। प्रमोटर फर्श, बालकनी, छत और अन्य सुविधाओं वाले कामन एरिया को फ्लैट के कार्पेट एरिया में जोड़ लेते हैं, इसे सुपर एरिया बताया जाता है। जबकि मूल कारपेट एरिया को छिपा लिया जाता है। इस पर यूके रेरा ने अपनी सहमति जताकर कहा कि ऐसा करने वाले प्रमोटरों पर अब उत्तराखंड में भी कार्यवाही की जाएगी।
यूके रेरा के सदस्य नरेश सी मठपाल कहते हैं कुछ बिल्डर्स सुपर एरिया और कारपेट एरिया में घालमेल कर देते हैं। अब ऐसा नहीं किया जा सकता। बिल्डर्स को फ्लैट बेचते समय कारपेट एरिया को खोलना होगा। इसे खासकर हाईलाइट करना पड़ेगा। प्रमोटर कारपेट एरिया की कीमत अलग वसूलेंगे। एलाटी को अन्य सुविधाओं के लिए दिए जाने वाले कामन एरिया और उसकी कीमतों के बारे में स्पष्ट बताना होगा। उसका अलग-अलग ब्रेकअप देना होगा। कामन एरिया का मालिकाना हक बिना किसी कीमत के आरडब्ल्यूए का होगा। अगर कोई पार्किंग आदि के लिए विशेष स्थान चाहता है तो उसके लिए वसूल किए जाने वाली रकम का विवरण खुलकर बताना पड़ेगा।
Iअब उपनिबंधक के यहां पंजीकृत होता एग्रीमेंट फॉर सेलI
यूके रेरा की ओर से कहा गया कि अब बिल्डर और अलॉटी के बीच मॉडल एग्रीमेंट फॉर सेल कराने की व्यवस्था की गई है। यह सेल एग्रीमेंट मॉडल कारपेट एरिया पर बेस्ड है। इस तरह सुपर एरिया के बेस पर फ्लैट की बिक्री करना रेरा एक्ट का उल्लंघन है। इसके उल्लंघन पर बिल्डर या प्रमोटर के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। वहीं बताया गया कि अब एग्रीमेंट फार सेल को पंजीकृत कराना अनिवार्य कर दिया गया है। पहले यह एकतरफा होता था, लेकिन अब यह उपनिबंधक के यहां रजिस्टर्ड होता है।
Iअब टूटेगा भ्रम, नहीं कर सकेंगे गुमराहI
यूके रेरा ने स्पष्ट किया कि कारपेट एरिया के लिए खोले जाने से फ्लैट बेचने में किसी प्रकार की कोई धांधली नहीं हो सकेगी। खरीदारों को फ्लैट के प्रयोग में आने वाले क्षेत्रफल की जानकारी मिलेगी। सुपर एरिया के हिसाब से फ्लैट की बिक्री में कारपेट एरिया के साथ कॉमन एरिया भी शामिल कर लिया जाता है। इससे खरीदार भ्रम में रहते हैं कि वे बड़ा फ्लैट खरीद रहे हैं, कारपेट एरिया के आधार पर बिक्री से खरीदार के सामने तस्वीर स्पष्ट रहेगी।
Iयह है सुपर एरियाI
फ्लैट या कमरे में निर्मित क्षेत्र के अलावा कॉमन एरिया भी होता है। इसमें सीढ़ियां, लिफ्ट, गैलरी, बाहरी दीवारें, छत, पार्किंग, लॉबी, स्विमिंग पूल, जिम, और अन्य सभी सुविधाओं का क्षेत्र भी शामिल होता है। बिल्डर्स इसे ही दर्शाकर बायर्स को आकर्षित करते हैं।
Iयह है कारपेट एरियाI
कारपेट एरिया कमरे का अंदरूनी हिस्सा है। यह दीवारों के अंदर का वह हिस्सा, जिसका प्रयोग फ्लैट में रहने के दौरान किया जाता है। इसके बारे में बिल्डर्स खुलकर नहीं बताते थे, अब इसे बताना होगा।