- खननकर्मी की हत्या का मामला : बिसरा का भी होगी फॉरेंसिक जांच
- पुलिस अब तक कई संदिग्धों से कर चुकी है पूछताछ
खनन पट्टे के पूर्व खननकर्मी की हत्या मामले में थाना प्रभारी और विवेचना अधिकारी वैभव गुप्ता ने सोमवार को क्राइम सीन से लिए गए साक्ष्यों और मृतक के बिसरा को विधि विज्ञान प्रयोगशाला के सुपुर्द किया। जांच काफी हद तक फॉरेंसिक जांच पर निर्भर है।
घटना स्थल के सुनसान होने और करीब डेढ़ किमी के दायरे में सीसीटीवी कैमरों के न होने से भी हत्या की गुत्थी सुलझाना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। अब तक पुलिस संदेह के आधार पर कई संदिग्धों से पूछताछ कर चुकी है। गत 23 नवंबर को कालसी गेट के पास अमलावा नदी किनारे खनन पट्टे की साइट पर बने कमरे में संदीप (30) निवासी ग्राम डिंडाल का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पंखे की कुंडी से लटका मिला था। खनन पट्टे के स्वामी ने इसकी जानकारी पुलिस को दी थी।
कमरे की जाली कटी थी। दरवाजा बाहर से बंद था। मृतक की अंगुली पर चोट के निशान मिले थे। फर्श पर खून के धब्बे मिले थे। मामला संदिग्ध होने पर फॉरेंसिक टीम ने नमूने लिए थे। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई थी। जिस पर डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया था। रिपोर्ट में हत्या कर शव को लटकाने का खुलासा हुआ था। जिस पर मृतक के चाचा इंद्रपाल की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। थाना प्रभारी ने बताया कि विवेचना जारी है।