दून अस्पताल की इमरजेंसी में बुधवार को कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) की ट्रेनिंग दी गई। एनएमसी की ओर से अस्पताल के स्टाफ नर्स, मेडिकल सोशल वर्कर, सुरक्षा कर्मी, वाहन चालक और वार्ड बॉय को लाइव ट्रेनिंग दी गई।
एनेस्थीसिया विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि हार्ट अटैक आने पर मरीजों को शुरुआती छह मिनट में सीपीआर देकर बचा सकते हैं। कोई व्यक्ति अगर दिल में अचानक दर्द की वजह से गिर जाता है तो सबसे पहले उसे ठीक से देखना चाहिए। फिर गले में पल्स की जांच करनी चाहिए। तत्काल प्राथमिक उपचार के तौर पर व्यक्ति के सीने के बीच में दोनों हाथों से कंप्रेशन देना चाहिए। इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि सीपीआर देने वाले के दोनों बाजू सीधे होने चाहिए।
चेस्ट कंप्रेशन देने के बाद मुंह से सांस दें
30 चेस्ट कंप्रेशन के बाद दो बार मुंह से सांस देना होता है। ऐसे में व्यक्ति की सांस वापस आ सकती है। एडी मशीन की मदद से मरीज को शॉक दिया जाता है। यह मशीन आसपास हो तो बेहतर होता है। इस दौरान डॉ. दीपिका तिवारी, डॉ. शोभा, महादेव गौड़, कुसुम पेटवाल, प्रतिभा पंवार, समशेर सिंह, राजेश उनियाल, उमा गुसांईं, सचिन, पुष्पा, अनिल नोटियाल, नइमा और इरशाद ने भी भाग लिया।
सर्दियों में रखें दिल का ख्याल
सर्दियों में शरीर का तापमान कम होने पर धड़कन तेज चलने लगती है। नसों में संकुचन आ जाता है। ऐसे में ब्लड प्रेशर, हार्ट रेट बढ़ जाता है। फेफड़ों में संक्रमण हो जाता है। खून में थक्का जमने की प्रवृत्ति भी बढ़ जाती है। ऐसे में दिल की समस्या होने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में हार्ट अटैक भी ज्यादा हार्ट अटैक और हार्ट फेल की समस्या ज्यादा होने लगती है।
यह रखें ध्यान
- शरीर के तापमान को सामान्य स्तर पर रखें
- गर्म कपड़े कई लेयर में पहनें। सिंगल मोटा स्वेटर न पहनें।
- सुबह सूरज निकलने के बाद वॉक करें।
- हार्ट के मरीज नियमित दवाएं लें।