दून अस्पताल की इमरजेंसी में महिला मरीज के उपचार में लापरवाही की घटना एक बार फिर से सामने आई है। प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़ित ने मामले में सीएम कार्यालय में भी शिकायत दी है। जानकारी के मुताबिक घटना 10 जुलाई की देर रात की है। पीड़ित प्रेमनगर निवासी राहुल सिंह ने शिकायत में बताया कि वह दुर्घटना में घायल अपनी बहन को लेकर इमरजेंसी पहुंचे थे। उनकी जांघ की हड्डी टूट गई थी और रक्तश्राव हो रहा था। आरोप है कि इमरजेंसी में तैनात चिकित्सकों ने उन्हें तुरंत उपचार नहीं दिया। इतना ही नहीं स्वास्थ्यकर्मियों ने रक्त बहने की बात कहते हुए एक्स-रे करने से भी इंकार कर दिया। ड्यूटी पर तैनात आपात चिकित्सा अधिकारी ने भी अभद्रता की। इसके अलावा कई चिकित्सक इलाज करने के बजाय मोबाइल देखने और खाना खाने में व्यस्त थे। उन्हें करीब पांच घंटे तक इधर से उधर टहलाया गया। इसके बाद एक चिकित्सक ने उन्हें दूसरे अस्पताल ले जाने के लिए कह दिया। ऐसे में मजबूरन उन्हें मरीज को निजी अस्पताल लेकर जाना पड़ा। मामला उजागर होने के बाद दून अस्पताल के अधिकारियों में अफरा-तफरी मची हुई है। इस मामले में जांच कमेटी गठित की गई है। इमरजेंसी प्रभारी से मामले की रिपोर्ट तलब की गई है। साथ ही संबंधित विभागों के चिकित्सकों और कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।