फर्जी डॉक्टर मामले में मुख्य आरोपी इमलाख के दो और भाइयों को पुलिस ने आरोपी बनाया है। इनमें से एक इमलाख के कॉलेज में पीआरओ था जबकि दूसरा लोगों को फर्जी डिग्रियां डाक के माध्यम से भेजता था। पुलिस जल्द इन दोनों को भी गिरफ्तार कर सकती है।
इस मामले में पुलिस अब तक 14 फर्जी डॉक्टरों और इमलाख व उसके एक भाई को गिरफ्तार कर चुकी है। जिस प्रिंटिंग प्रेस में वह डिग्रियां छापता था, उसे भी सील कर दिया गया है। इस प्रेस की मशीनों को भी पुलिस शुक्रवार को देहरादून लेकर आई थी।
अब जांच में सामने आया है कि इस पूरे काम में इमलाख और उसके तीनों भाई शामिल थे। इनमें से सद्दाम और आसिफ को भी आरोपी बनाया गया है। सद्दाम जनसंपर्क अधिकारी यानी पीआरओ का काम देखता था। जबकि, आसिफ के जिम्मे फर्जी डिग्रियों को रजिस्ट्री करने काम था। एसपी क्राइम सर्वेश पंवार ने बताया कि जल्द ही इन दोनों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।