इन दिनों प्रदेश में लंपी रोग ने कहर परपा रखा है। आए दिन मवेशी इस रोग की चपेट में आकर अपनी जान गवां रहे हैं। इस पर भी जिला पंचायत के कुछ ठेकेदार ऐसे हैं जो आपदा को अवसर बनाने से पीछे नहीं हट रहे हैं। वह लोगों के मृत मवेशियों को उठाने के लिए अवैध रूप से 1500 से 5000 हजार रुपये तक वसूल रहे हैं। जिससे आक्रोशित लोगों ने जिला प्रशासन से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत के बाद सीडीओ झरना कमठान ने अपर जिला पंचायत अधिकारी को मामले की जांच के आदेश दिए हैं। बता दें कि ग्रामीण क्षेत्रों में मृत पशुओं को उठाने के लिए जिला पंचायत की ओर से हर वर्ष ठेके दिए जाते हैं। ठेकेदारों को स्पष्ट निर्देश हैं कि वह निशुल्क मृत पशुओं को उठाएं, लेकिन ठेकेदार की ओर से ग्रामीणों से मृत पशु उठाने के लिए 1500 से 5000 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। इसे लेकर क्षेत्र पंचायत सदस्य ठाकुरपुर ईस्ट होपटाउन मंजू नेगी, सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र सिंह नेगी ग्रामीणों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और कार्रवाई की मांग की। बताया कि ग्रामीण क्षेत्र अंबीवाला, शुक्लापुर, चायबागान, संजय कॉलोनी, ठाकुरपुर, मोतीचूर, लक्ष्मीपुर, उम्मेदपुर, देवीपुर, परवल आदि ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में छोटे कृषक और पशुपालक हैं। पशुपालन ही उनकी आर्थिकी का जरिया है। लेकिन वर्तमान में लंपी बीमारी के कारण कई कृषकों के पशु मर रहे हैं।
जिससे उन्हें आर्थिक हानि हो रही है। इस पर भी जिला पंचायत के ठेकेदार मृत मवेशियों को उठाने के नाम पर अवैध वसूली कर ग्रामीणों पर आर्थिक बोझ बढ़ा रहे हैं। इस मौके पर रजनीश पैन्यूली, इंद्रेश कुमार, सरोज सिंह, अरुण भट्ट आदि मौजूद रहे। उधर इस मामले में एई जिला पंचायत बीरेंद्र सिंह गुसाईं ने बताया कि इस संबंध में ठेकेदार को नोटिस जारी कर दिया गया है। उसे आगे से ऐसी शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।