आईएसबीटी के पास अवैध बस अड्डे का संचालन रुक नहीं पा रहा है। बृहस्पतिवार को परिवहन विभाग ने अभियान चलाकर कार्रवाई की। विभाग ने तीन बसों को सीज करते हुए दो के चालान काटे।
दरअसल, आईएसबीटी के आसपास का इलाका टूर ऑपरेटर्स के लिए सबसे मुफीद है। यहां अवैध बस अड्डे से बगैर अनुमति वातानुकूलित, सुपर डीलक्स बसों का संचालन किया जा रहा है। ऑनलाइन बुकिंग कर सवारियां ली जा रही हैं। यहां से दिल्ली, कानपुर, इंदौर, आगरा, जयपुर, चंडीगढ़, जोधपुर के लिए बसें चलाई जा रही हैं। इससे प्रतिदिन लाखों की चपत परिवहन निगम को लग रही है। परिवहन निगम इसको लेकर कई बार आपत्ति जता चुका है।
आरटीओ प्रवर्तन शैलेश तिवारी ने बताया कि बृहस्पतिवार को परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीम ने अभियान चलाकर तीन बसों को सीज किया, जबकि दो के चालान किए। यह बसें आईएसबीटी के पास से संचालित की जा रही थीं। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
टास्क फोर्स बनाने का आदेश कागजों में
रोडवेज के मंडल प्रबंधक संजय गुप्ता बताते हैं कि उन्होंने इस संबंध में जिलाधिकारी व एसएसपी को पत्र भेजा था। पत्र में जनवरी-2003 को सरकार की ओर से ठेका वाहनों के अवैध संचालन को रोकने के लिए जारी शासनादेश का हवाला भी दिया गया था। इसी शासनादेश से मुख्य सचिव ने आईएसबीटी व रोडवेज बस अड्डों के बाहर से निजी बसों के अवैध संचालन को रोकने के लिए टास्क फोर्स बनाने का आदेश दिया था, लेकिन निजी बसों का संचालन रोका नहीं जा सका है।