इसके अलावा हथियार बनाने वाले उपकरण जैसे एक ग्रेंडर मशीन, एक ड्रील मशीन मय किट, लोहे की बैरल छोटी-बड़ी, आरी के चार ब्लेड, बैरल साफ करने का ब्रश समेत अन्य सामान भी मिले हैं। एसएसपी ने बताया कि हथियारों की फैक्ट्री चलाने वाला दिनेश सैनी मुख्य सरगना है, जो खानपुर थाने का पुराना हिस्ट्रीशीटर रहा है।
इतना ही नहीं उसके खिलाफ खानपुर, मंगलौर, लक्सर और पुरकाजी (मुजफ्फरनगर) में दस से भी अधिक केस दर्ज हैं। पुलिस ने तीनों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। तीनों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है। इस दौरान एसपी देहात नवनीत सिंह, सीओ राजन सिंह मौजूद रहे।
टीम को ढाई हजार ईनाम की घोषणा
एसएसपी सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस ने अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री पकड़ बड़ी सफलता हासिल करने पर पुलिस टीम की पीठ थपथपाई। साथ ही ढाई हजार रुपये ईनाम देने की भी घोषणा की। इस दौरान एसएसपी ने पुलिस को खादर क्षेत्र में गश्त कर संदिग्धों पर नजर रखने के भी निर्देश दिए।
लंबे समय से चल रही थी फैक्ट्री
फैक्ट्री में बड़ी संख्या में बंदूक, तमंचे और अर्द्धनिर्मित हथियार होने के चलते आशंका जताई जा रही है कि फैक्ट्री लंबे समय से चल रही थी। तीनों आरोपी गुपचुप तरीके से फैक्ट्री चला रहे थे, लेकिन इस बीच पुलिस को किसी ने ऐसी पुख्ता सूचना दी कि आरोपी पकड़ में आ गए।