धरना देने बैठे
बताया जा रहा है कि बीते रविवार को नॉनवेज बना तो इसकी जानकारी मिलने पर छात्रों ने हलका विरोध शुरू कर दिया। जब पता चला कि बुधवार को भी मेस में नॉनवेज बनेगा तो छात्र विगत मंगलवार और बुधवार को मेस के गेट के बाहर खाली थाली लेकर धरना देकर बैठ गए और खाना नहीं खाया।
बृहस्पतिवार को छात्रों ने डीन ऑफ स्टूडेंट वेलफेयर को लिखित में शिकायत देकर नॉनवेज खाना परोसे जाने का विरोध जताया है। कई छात्रों ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि उन्होंने दो दिन तक भूख हड़ताल रखी और बृहस्पतिवार को इसकी शिकायत भी की है।
नॉनवेज के लिए हो अलग मैस की उठी थी मांग
पूर्व जिस समय संस्थान की मेस में नॉनवेज शुरू किया गया था। उस समय छात्रों ने यह मांग भी उठाई थी कि यदि नॉनवेज शुरू ही करना है तो इसे कुछ मेस में अलग से शुरू किया जाए। ताकि जिसे नॉनवेज खाना हो तो वे उन्हीं मेस में जा सके, जो नॉनवेज के लिए आरक्षित की गई हो। लेकिन तब संस्थान ने एक मेस को छोड़कर अन्य सभी मेस में दोनों प्रकार के खाने की व्यवस्था शुरू कर दी थी।
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जो छात्र जिस प्रकार का खाना खाना चाहता है, उसे उसकी छूट मिलनी चाहिए। मेस में नॉनवेज और वेज दोनों प्रकार के खाने की व्यवस्था है। यदि कोई छात्र वेज खाना चाहता है तो वह वेज ले सकता है। कुछ छात्र शिकायत लेकर आए थे, लेकिन सभी को समझा दिया गया है। अब विरोध जैसी कोई बात नहीं है।
- प्रो. एमके बरुआ, डीन ऑफ स्टूडेंट वेलफेयर आईआईटी रुड़की