क्षेत्र के चकराता-मुंडली-डांगूठा-पटीयूड मोटरमार्ग के निर्माण की कवायद ठंडे बस्ते में है। मार्ग के निर्माण में बाधा बने वन क्षेत्र के चलते इसके प्रस्तावों पर अमल नहीं हो रहा है। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष व भाजपा नेता रामशरण नौटियाल ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मार्ग के निर्माण के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। कहा कि मार्ग बन जाने से लोगों को 50 किलोमीटर अतिरिक्त चक्कर काटने से निजात मिलेगी। त्यूणी तहसील के सीमांत खत सिलगांव के ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण चकराता-मुंडली-डांगूठा-पटीयूड मोटरमार्ग का निर्माण बरसों से अधर में लटका हुआ है। सिलगांव खत से संबंधित ग्रामीणों को चकराता स्थित ब्लाॅक मुख्यालय आने के लिए पहले त्यूणी जाना पड़ता है। इसके चलते उनका चकराता तक का यह सफर लगभग 90 किलोमीटर हो जाता है। क्षेत्र के निवासियों को अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए दो दिन का समय लगाना पड़ता है। चकराता से प्रस्तावित मार्ग की दूरी मात्र 40 किलोमीटर है। यदि मार्ग का निर्माण होता है तो ग्रामीणों को 50 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर काटने से निजात मिल सकती है। इसके अलावा सड़क के बनने से क्षेत्र के किसानों को अपनी फसलों को समय से मंडियों तक पंहुचाने में मदद मिलेगी। जबकि क्षेत्र के मुंड़ली, कांवतालानी, खड़ंबा, कथियान आदि पर्यटक स्थल विकसित होंगे।