शैक्षणिक सत्र 2023-24 की बोर्ड परीक्षा से पहले केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने सालों पुराने सिस्टम में बड़ा बदलाव किया है। इस साल होने वाली बोर्ड परीक्षा में बच्चों को न डिवीजन दी जाएगी और ना ही डिस्टिंक्शन दी जाएगी। बोर्ड के इन बदलावों का शिक्षक भले ही स्वागत कर रहे हैं लेकिन छात्र इस बात से चिंतित हैं कि वह अन्य छात्रों से अपनी तुलना कैसे कर सकेेंगे।
साल 2024 के फरवरी में सीबीएसई की बोर्ड परीक्षा होनी है। बदलाव के बाद अब कोई श्रेणी, विशेष योग्यता या कुल प्राप्तांक नहीं दिए जाएंगें। जबकि सीबीएसई स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के उद्देश्य से पिछले कुछ साल से 10वीं और कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा में टॉप करने वाले छात्रों की लिस्ट जारी नहीं करता है। इसके पीछे बोर्ड ने तर्क देते हुए कहा था कि ऐसा छात्रों के बीच अस्वस्थ प्रतिस्पर्धा से बचने के लिए किया गया है।
Iबोर्ड की ओर से परीक्षा को लेकर नियमों में बदलाव किया है। छात्रों को किसी कॉलेज या विवि में प्रवेश लेने के लिए पहले पांच विषयों का चयन करना पड़ता था। लेकिन बदलाव के बाद अब छात्र अपने अनुसार बेस्ट पांच विषयों का चयन कर सकते हैं। निश्चित ही यह बदलाव छात्रों के लिए उपयोगी साबित होंगे। परीक्षा के संबंध में सात सितंबर को दिल्ली में बैठक है। बैठक के बाद जल्द ही छात्रों के लिए टेली हेल्पलाइन शुरू की जाएगी। -
रणबीर सिंह,
क्षेत्रीय अधिकारी, सीबीएसईI
Iबोर्ड की ओर से किए गए बदलाव का शिक्षक खुले मन से स्वागत कर रहे हैं। जबकि छात्र और कई अभिभावक अभी यह सोच रहे हैं कि इन बदलाव से छात्र अपनी तुलना नहीं कर पाएंगे। परीक्षा से पहले बोर्ड की ओर से शुरू की जाने वाली टेली हेल्पलाइन पर छात्रों व अभिभावकों को इन बदलाव के फायदे बताए जाएंगे।
- डॉ. सोना कौशल गुप्ता, काउंसलर, सीबीएसईI