इसके साथ ही अभियोजन एक ऑडियो क्लिप की आवाज से उमेश की आवाज मैच कराने के लिए उसका वॉयस सैंपल लेने की मांग की थी। इस बाबत भी अभियोजन ने शुक्रवार को न्यायालय में प्रार्थनापत्र दाखिल किया था। इस पर भी न्यायालय ने बचाव पक्ष के तर्कों को मानते हुए अभियोजन की इस मांग को भी खारिज कर दिया।
शुक्रवार को बचाव पक्ष की मांग पर ही जमानत याचिका पर सुनवाई नहीं हुई थी। इस संबंध में बचाव पक्ष ने न्यायालय ने हाईकोर्ट के इस मुकदमे के संबंध में दिए गए आदेशों को दिखाने की बात कही थी। शनिवार को बचाव पक्ष ने जमानत याचिका पर निर्णय देने की मांग की थी। इस पर अदालत ने उमेश शर्मा की जमानत याचिका खारिज कर दी। उमेश के अधिवक्ता केपी सिंह ने बताया कि वे अब जमानत के लिए ऊपरी अदालत में अपील करेंगे।
रायपुर पुलिस की मांग भी ठुकराई
बता दें कि बीती 30 अक्तूबर को रायपुर पुलिस ने भी वर्ष 2007 के एक मुकदमे में उमेश कुमार का न्यायालय से वारंट लिया था। इस पर पुलिस ने उमेश कुमार को मुकदमे में न्यायिक अभिरक्षा में भेजने की मांग न्यायालय से की थी, जिस पर शनिवार को सुनवाई हुई। मामले में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम रमेश कुमार की अदालत ने रायपुर पुलिस की मांग को भी खारिज कर दिया और बचाव पक्ष को जमानत याचिका दाखिल करने को कहा।