निजी चैनल के सीईओ उमेश कुमार शर्मा को गुरुवार को रांची जेल से रिहा कर दिया गया। इससे पहले उन्हें कोर्ट से जमानत मिल गई थी। तमाम औपचारिकता पूरी होने के बाद आज उनकी रिहाई हुई। उधर, झारखंड हाईकोर्ट में दायर की गई क्वैशिंग याचिका पर अगली सुनवाई के लिए 16 जनवरी की तिथि नियत है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री, अपर मुख्य सचिव का स्टिंग आपरेशन करने में नाकाम रहे अपने कर्मचारी आयुष गौड़ को धमकी देने के मामले में निजी चैनल के सीईओ उमेश कुमार शर्मा की गिरफ्तारी हुई थी। इसी बीच भाजपा संगठन से जुड़े अमृतेश सिंह चौहान ने रांची के अरगोडा थाने में उमेश कुमार के खिलाफ उत्तराखंड सरकार के खिलाफ स्टिंग आपेरशन करने के लिए दबाव डालने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था।
देहरादून के मुकदमे में जमानत मिलने के बाद 19 दिसंबर को उमेश कुमार को रांची कोर्ट में पेश किया गया था। जहां से उन्हें बिरसा मुंडा जेल भेज दिया गया था। रांची के मुकदमे में भी उमेश कुमार को जमानत मिल गई थी। उधर, झारखंड हाईकोर्ट से फिलहाल क्वैशिंग याचिका पर उमेश को कोई राहत नहीं मिल सकी है। हाईकोर्ट ने प्रतिवादी अमृतेश सिंह चौहान को नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई के लिए 16 जनवरी की तिथि निर्धारित की है।