हाइड्रो टेस्टिंग को लेेकर परिवहन विभाग को भी कोई सुध नहीं
सीएनजी किट की फिटनेस के लिए पीईएसओ से मान्यता प्राप्त एजेंसियां किट का जांच सर्टिफिकेट जारी करती हैं। इसी सर्टिफिकेट के आधार पर आरटीओ से किट का रिन्युअल लिया जाता है। रिन्युअल सर्टिफिकेट को अब गाड़ी के बोनट के अंदर ही फिट किया जाता है, जिसे सीएनजी पंप सीएनजी देने से पहले चेक करते हैं। आरटीओ में हजारों की संख्या में सीएनजी कार, ऑटो और वैन रजिस्टर्ड हैं। आरटीओ सीएनजी वाहनों की सामान्य फिटनेस तो चेक करता है, लेकिन हाइड्रो टेस्टिंग को लेेकर परिवहन विभाग को भी कोई सुध नहीं है।
यह करें सुरक्षा उपाय
-पंजीकृत सीएनजी किट और सिलेंडर का उपयोग करें।
-सीएनजी सिलेंडर के स्थान पर एलपीजी, प्रोपेन या कोई अन्य सिलेंडर न लगाएं।
-वाहन-उपकरणों के साथ सीएनजी किट का भी बीमा करवाना उचित है।
-वाहन को हमेशा आग के स्रोत से कम से कम 6 मीटर दूर पार्क करें।
-सीएनजी किट में सिलेंडर वाल्व, मास्टर शट-ऑफ वाल्व और बर्स्ट डिस्क के स्थान और संचालन के बारे में जागरूक रहें।
ऐसे करें सुरक्षा जांच
-सुनिश्चित करें कि क्लैम्प्स कसे हुए हों और सिलेंडर सही ढंग से और सुरक्षित रूप से लगा हुआ हो।
-यह देखें कि सिलेंडर वाल्व सुरक्षित है और वाल्व व्हील अपनी जगह पर है।
-सुनिश्चित करें कि गैस टयूबिंग बरकरार है और ठीक काम कर रही है।
सीएनजी किट से गैस लीक होने पर यह करें
-वाहन को स्टार्ट न करें, वाहन को स्टेशन के बाहर खुली हवा में खड़ा करें।
-आस-पास ऐसी सभी गतिविधियां बंद कर दें, जो आग का कारण बन सकती हैं।
-रिसाव को नियंत्रित करने के लिए सीएनजी प्रणाली में सिलेंडर वाल्व-मास्टर शट-ऑफ वाल्व को बंद कर दें।
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अभी देहरादून में प्रमाणित हाइड्रो टेस्टिंग सेंटर नहीं है, हरिद्वार में इसकी टेस्टिंग की जाती है, वहीं से वाहन स्वामी टेस्टिंग कराकर प्रमाण पत्र हासिल करते हैं, जल्द दून में इसके लिए टेस्टिंग सेंटर का इंतजाम किया जाएगा।
-सुनील शर्मा, आरटीओ प्रशासन