तहरीर में मृतका के भाई शक्ति प्रसाद ने बताया था कि उनकी बहन पवनरेखा का विवाह 28 सितंबर, 2009 को सतेंद्र प्रकाश जोगियाल पुत्र मूर्तिराम निवासी काशीपुर के साथ हिंदू रीति रिवाज के साथ हुआ था। विवाह में उन्होंने अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान दहेज दिया।
ससुरालियों की मांग पर कार भी दहेज में दी गई, लेकिन विवाह के दो हफ्ते बाद से दहेज कम लाने पर उसका उत्पीड़न शुरू कर दिया गया। लगातार उत्पीड़न के चलते ससुरालियों के साथ लिखित में समझौता भी हुआ था, लेकिन उत्पीड़न की घटनाएं नहीं रुकी। आरोप लगाया कि 11 जनवरी, 2014 की रात पूर्व नियोजित षड्यंत्र के साथ उसकी गला घोटकर हत्या कर दी गई। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में 12 गवाह पेश किए गए थे।
दोनों पक्षों की दलीलें और पत्रावलियों पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रतिभा तिवारी की अदालत ने मृतका के पति सतेंद्र प्रकाश जोगियाल को दस साल के सश्रम कारावास से दंडित करने की सजा सुनाई, जबकि मामले के अन्य आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।