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ड्राइवर के साथ मिलकर पति ने नाबालिग पत्नी से किया दुष्कर्म, कोर्ट ने दोनों को सुनाई उम्रकैद की सजा

Thu, 09 May 2019 10:44 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अल्मोड़ा
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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उत्तराखंड के अल्मोड़ा में ड्राइवर के साथ मिलकर नाबालिग पत्नी के संग हैवानियत करने वाले पति की जिंदगी अब जेल में कटेगी। विशेष सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा की अदालत ने नाबालिग पत्नी के साथ दुराचार और हत्या के प्रयास के मामले में आरोपी पति और चालक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों को क्रमश: तीस हजार और बीस हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया है। फैसले के अनुसार पति को अंतिम सांस तक जेल में रहना होगा। 

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पीड़िता की शादी 13 वर्ष की उम्र में 27 अगस्त 2018 को घर वालों की मर्जी से आरोपी के साथ सपोली मंदिर में हुई थी। शादी के बाद दोनों खोड़ा कालोनी में किराये के मकान में रहे। कुछ दिन बाद आरोपी घुमाने के बहाने गाड़ी बुक कर सल्ट (अल्मोड़ा) ले आया।

पति और चालक ने गाड़ी रोककर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद जान से मारने की नीयत से मरचूला से आगे करीब बीस फुट गहरी खाई में फेंक गए। घटना 14 अक्तूबर 2018 की है।
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एक कार सवार ने उसे खाई से निकाला। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल कराया और दोनों आरोपियों को पॉक्सो एक्ट में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले का विचारण विशेष सत्र न्यायाधीश अल्मोड़ा के न्यायालय में हुआ।

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अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) गिरीश चंद्र फुलारा, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता शेखर चंद्र नैल्वाल, विशेष लोक अभियोजक भूपेंद्र कुमार जोशी ने नौ गवाह न्यायालय में परीक्षित कराए और प्रभावी पैरवी की।

न्यायालय ने आरोपी पति को धारा 376 (2) में आजीवन कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड, धारा 307/34 में आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 366 (क) में दस साल की सजा और 10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है, जबकि  चालक को धारा 307/34 में 10 साल की सजा और 10 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 376(2) में आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।

अर्थदंड अदा नहीं करने पर छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भोगनी होगी। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। न्यायालय ने अर्थदंड की संपूर्ण धनराशि पीड़िता को दिए जाने के भी आदेश दिए हैं।
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