अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) गिरीश चंद्र फुलारा, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता शेखर चंद्र नैल्वाल, विशेष लोक अभियोजक भूपेंद्र कुमार जोशी ने नौ गवाह न्यायालय में परीक्षित कराए और प्रभावी पैरवी की।
न्यायालय ने आरोपी पति को धारा 376 (2) में आजीवन कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड, धारा 307/34 में आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 366 (क) में दस साल की सजा और 10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है, जबकि चालक को धारा 307/34 में 10 साल की सजा और 10 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 376(2) में आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
अर्थदंड अदा नहीं करने पर छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भोगनी होगी। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। न्यायालय ने अर्थदंड की संपूर्ण धनराशि पीड़िता को दिए जाने के भी आदेश दिए हैं।