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Dehradun News: ऐसे कैसे सुधरेगी रैकिंग, सड़क और घरों से समय पर नहीं उठ रहा कूड़ा

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नगर निगम ने स्वच्छता के मामले में देशभर में टॉप-50 शहरों में शामिल होने का लक्ष्य जरूर रखा है, लेकिन सफाई व्यवस्था का जो हाल है उससे पुरानी रैंकिंग को ही बरकरार रखना बड़ी चुनौती है। निगम के तमाम प्रयास के बाद भी सफाई व्यवस्था ढर्रे पर नहीं आ पा रही है।
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हर साल स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत शहरों की रैंकिंग तय की जाती है। इसके लिए केंद्रीय टीम शहरों का दौरा कर स्वच्छता को परखती है। इसके लिए अलग-अलग मानक तय किए गए हैं। जिसके आधार पर रैंकिंग तय की जाती है। वर्ष 2022 में देहरादून नगर निगम ने 13 स्थान की छलांग लगाकर देशभर में 69वीं रैंक हासिल की थी। लेकिन इस साल अपने पूर्व के रैंक को ही बरकरार रखना निगम के लिए किसी चुनौती कम नहीं है।

निगम ने सौ वार्डों में घर-घर कूड़ा उठान के लिए तीन कंपनियां लगाई हैं। जिन्हें अलग-अलग वार्ड आवंटित किए हैं। लेकिन अधिकतर वार्डों में कूड़ा उठान के वाहन जाते ही नहीं हैं। कूड़ा उठान के वाहन न आने के कारण लोग कूड़ा सड़कों, खाली प्लाॅट, जंगलों, नदियों में फेंक रहें हैं। समय से न सड़क से कूड़ा उठा रहा है न घरों से। दोपहर तक सड़कों पर जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। वहीं, घर-घर कूड़ा उठान की व्यवस्था भी चरमराई है। कहीं हफ्तेभर में कूड़े के वाहन जा रहे हैं तो कहीं कूड़े के वाहन जाते ही नहीं हैं।
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ट्रांसफर सेंटर में भी कई दिनों तक जमा रहता है कूड़ा



दून में शहर भर से करीब पांच सौ टन कूड़ा एकत्रित होता है। जिसे कारगी स्थित कूड़ा ट्रांसफर सेंटर में भेजा जाता है। यहां से फिर उसे शीशमबाड़ा भेजा जाता है। लेकिन ट्रांसफर सेंटर में भी कई दिनों तक कूड़े का ढेर लगा रहता है। जिससे उठने वाले दुर्गंध से आसपास के लिए नासूर बना हुआ है।






नगर निगम को टॉप-50 शहरों में शामिल करने का लक्ष्य है। घर-घर से कूड़ा उठान व्यवस्था पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। जिसे ठीक करवाया जा रहा है। निगम अधिकारियों को लापरवाही बरतने वाले कंपनियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। लोग भी घर का कूड़ा उधर उधर न फेंकें। - सुनील उनियाल गामा, मेयर नगर निगम देहरादून
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