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Dehradun News: स्ट्रीट लाइट और सफाई व्यवस्था पर गर्माया सदन, जमकर हंगामा

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वार्डों में स्ट्रीट लाइटों और डोर-टू-डोर कूड़ा उठान की व्यवस्था पर सदन जमकर गर्माया। स्ट्रीट लाइटों का जिम्मा संभाल रही कंपनी की व्यवस्थाओं पर पार्षदों ने सवाल उठाए। सदन में मौजूद ईएसएल कंपनी के प्रतिनिधि ने जवाब देना चाहा तो पार्षदों ने उन्हें सदन से बाहर कर दिया। मेयर सुनील उनियाल गामा ने भी कंपनी पर सवाल उठाते हुए कहा, दो साल बाद भी वार्डों में लगाए गए खंभों पर स्ट्रीट लाइटें नहीं लगी हैं।
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दरअसल, स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सेंट्रल कंट्रोल मॉनिटरिंग सिस्टम की स्थापना का प्रस्ताव बोर्ड में रखा गया था। जैसे इस मुद्दे पर चर्चा हुई तो पार्षद भड़क उठे। उन्होंने वार्डों में खराब पड़ीं स्ट्रीट लाइटों का मुद्दा उठा लिया। कहा, हर बोर्ड बैठक में स्ट्रीट लाइट का मुद्दा उठता है। पिछली बैठक में कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने की बात हुई थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। आम लोग और पार्षद शिकायतें करते थक चुके हैं, कंपनी व्यवस्था सुधारने को तैयार नहीं है।
मेयर ने कंपनी के प्रतिनिधियों पूछा, उन्हें सात हजार लाइट देने को कहा गया है, वह लाइट कहां हैं। जैसे ही कंपनी के प्रतिनिधि जवाब देने के लिए उठे तो पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि वह अब कोई बात नहीं सुनेंगे और उन्होंने कंपनी प्रतिनिधि को सदन से बाहर भगा दिया।
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नगर आयुक्त बोले- सदन मंजूरी देगा तो कंपनी होगी बाहर
नगर आयुक्त मनुज गोयल ने कहा, कंपनी का निगम में सात साल का अनुबंध हैं। वह कंपनी के सीईओ तक को निगम में भी बुला चुके हैं। कंपनी पर एक करोड़ से अधिक का जुर्माना भी लगा चुके हैं। वह खुद कंपनी के काम से संतुष्ट नहीं है। कंपनी से अनुबंध तोड़ने पर निगम को वित्तीय हानि होगी। इसलिए कंपनी को बाहर नहीं किया जा रहा है, लेकिन अगर सदन मंजूरी देता है तो वह कंपनी को बाहर कर देंगे। मेयर सुनील उनियाल गामा ने कहा, अगर सितंबर अंत तक कंपनी ने सात हजार लाइटें उपलब्ध नहीं कराई तो कार्रवाई की जाएगी। नगर आयुक्त ने कहा, स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था के लिए फिर से रोस्टर प्रणाली अपनाई जाएगी। हर वार्ड में हफ्ते में दो या तीन दिन कंपनी के प्रतिनिधियों को वार्डों में भेजा जाएगा।

सफाई व्यवस्था पर भी भड़के पार्षद
शहर में कूड़ा उठान की व्यवस्था पर भी पार्षदों ने सवाल उठाते हुए हंगामा किया। कहा, वार्डों में तीन से चार दिन बाद कूड़े की गाड़ियां आ रही हैं। शिकायतों के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। निगम यूजर चार्ज न मिलने की बात कह रहा है, लेकिन जब लोगों के घर गाड़ियां जा ही नहीं रही तो लोग क्यों यूजर चार्ज देंगे। पार्षदों ने यूजर चार्ज स्वयं सेवी संस्थाओं को दिए जाने का भी विरोध किया। बाद में तय हुआ कि इस प्रस्ताव पर समिति बनाई जाएगी। पार्षदों ने कंपनियों पर कार्रवाई की मांग की।

विभिन्न विभागों के अधिकारियों से निगम पार्षदों ने पूछे सवाल, रखी समस्याएं
देहरादून। निगम की बोर्ड बैठक में इस बार लोक निर्माण विभाग, पेयजल निगम, एनएच, जल संस्थान, यूपीसीएल, गेल, एडीबी, सिंचाई सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों को भी बुलाया गया था। इस दौरान आईएसबीटी में जल भराव, नाली निर्माण, मोहकमपुर में सर्विस लेन, स्ट्रीट लाइट, उपभोक्ताओं से जल संयोजन के अधिक पैसे लेने, बिजली कनेक्शन लेने में आनाकानी करने, पोल बदलने के लिए परेशान करने सहित विभिन्न समस्याएं पार्षदों ने अधिकारियों के सामने रखी। जिसके बाद अधिकारियों ने उक्त समस्याओं का तत्काल समाधान करने का आश्वासन दिया।

पोलों पर लगे तारों के जाल को सुव्यवस्थित करने के निर्देश
नगर आयुक्त ने इस दौरान शहर में बिजली के पोलों पर दूरसंचार कंपनियों की ओर से लगाए गए तारों को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभाग सभी कंपनी की बैठक बुलाए और सितंबर तक इसका सर्वे करा लें। अगर कंपनी तारों को व्यवस्थित नहीं करती तो उन्हें हटा दिया जाएगा।
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