हिमाचल प्रदेश की सीमा से सटे जौनसार-बावर और उत्तरकाशी जिले के सीमावर्ती इलाकों के ग्रामीणों को जल्द ही बड़ी राहत मिल सकती है। पड़ोसी राज्य हिमाचल में प्रवेश के दौरान उत्तराखंड के लोगों से वसूले जाने वाले प्रवेश शुल्क (एंट्री टैक्स) को समाप्त करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को पत्र भेजकर जनहित में इस शुल्क को समाप्त करने का अनुरोध किया है। दरअसल, जौनसार-बावर और त्यूणी क्षेत्र के लोगों को हिमाचल की सीमा में प्रवेश करने पर लंबे समय से शुल्क चुकाना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर उत्तराखंड जनजाति सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष गीता राम गौड़ ने सीएम धामी को एक मांग पत्र सौंपा था। उन्होंने बताया था कि देहरादून जिले में हरिपुर-कालसी-कोटी-इछाड़ी होते हुए मीनस पुल तक उत्तराखंड का राज्य मार्ग है। मीनस पुल पार करते ही हिमाचल की सीमा शुरू हो जाती है। इस अहम मार्ग का इस्तेमाल जौनसार-बावर के त्यूणी, उत्तरकाशी के बंगाण और आराकोट समेत आसपास के ग्रामीण रोजमर्रा की आवाजाही के लिए करते हैं, जिस पर उन्हें भारी टैक्स देना पड़ता है।दोहरे मापदंड पर उठाया सवालगौड़ ने पत्र के माध्यम से अवगत कराया था कि एक तरफ हिमाचल प्रदेश में प्रवेश पर उत्तराखंड के लोगों से टैक्स वसूला जा रहा है, वहीं दूसरी ओर हिमाचल के लोग उत्तराखंड की सीमा में फेडिच पुल से आराकोट-सुनैल तक सड़क मार्ग का पूरी तरह निशुल्क उपयोग करते हैं। उत्तराखंड सीमा के इस मार्ग पर चलने वाले करीब 70 प्रतिशत वाहन हिमाचल प्रदेश के ही होते हैं, लेकिन उत्तराखंड सरकार उनसे कोई भी टैक्स नहीं वसूलती। उन्होंने बताया कि सीएम धामी की ओर से हिमाचल सरकार को इस असमानता पर पत्र भेजे जाने के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों में आवागमन शुल्क समाप्त होने की उम्मीद जगी है।