साहब बैठे जमीन के विवाद के कागजात देख रहे थे। तभी एक क्लर्क ने सामने फाइल पटक दी। क्लर्क ने कनखियों से कुछ इशारा किया और बोला-‘सब ठीक है।’
साहब ने एक बार मीडियाकर्मियों की तरफ देखा, फिर क्लर्क को घूरा। जैसे कह रहे हों ‘थोड़ा रुक जा।’ लेकिन वह दस्तखत करवाने के लिए अड़ा रहा तो गुस्साकर बोले-‘मुझे कोई पैसा-वैसा नहीं लेना, जो अर्जेंट करूं। काम लाइन से ही होगा।’
क्लर्क सकपकाया, जैसे इशारा समझ गया हो। साथ आए वकील साहब मुस्कराए। बोले-‘सारे मोहकमे घूम आया-यहां इस कदर ईमानदारी, ओफ्फो।’