सर्दी में तेज बारिश ने बच्चों को परेेशान कर दिया है। अधिकतर बच्चे निमोनिया का शिकार हो रहे हैं। बच्चों की पसलियां चलने की समस्या लेकर अभिभावक इलाज के लिए आ रहे हैं। बच्चों को सर्दी, खांसी और बुखार के साथ सांस की समस्या भी हो रही है।
दरअसल, सर्दी लगभग खत्म होने वाली थी। मार्च की शुरुआत होते ही बारिश से सर्दी एक बार फिर लौट आई है। इस सर्दी का असर खासकर बच्चों पर पड़ रहा है। ऐसे में बच्चे ही नहीं अन्य लोग भी परेशान हो रहे हैं। सर्दी की वजह से रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इंफेक्शन लोगों को परेशान कर रहा है। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि अभी सर्दी से बचाव करने की जरूरत है। ऐसे में गर्म कपड़ों से दूरी बनाना उचित नहीं है।
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बच्चों को आईसक्रीम और कोलड्रिंक का सेवन न करने दें
दून अस्पताल के बाल रोग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि इन दिनों रोजाना निमोनिया से परेशान बच्चे इलाज के लिए आ रहे हैं। ऐसे में बच्चों को दवाई देकर इलाज किया जा रहा है। अभिभावकों को यह सलाह दी जा रही है कि बच्चों को पानी में न भीगने दें। इसके अलावा गर्म कपड़े पहनाकर रखें। ठंडी चीजें जैसे आईसक्रीम और कोलड्रिंक का सेवन न करने दें।