उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायतराज संस्थाओं के चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण के निर्धारण के लिए गठित एकल सदस्यीय आयोग ने गठन के साथ ही काम करना शुरू कर दिया है। आयोग की ओर से कार्यभार ग्रहण करने के अगले ही दिन पंचायतों में आरक्षण से संबंधित कार्य को आगे बढ़ाने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
आयोग के अध्यक्ष सेवानिवृत्त न्यायाधीश बीएस वर्मा ने बृहस्पतिवार को कार्यभार ग्रहण कर लिया था। इसके साथ ही ओबीसी आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके तहत हरिद्वार में गतिमान त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की प्रक्रिया को देखते हुए अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण निर्धारण के लिए सात दिन की समय सीमा तय कर दी गई है। जबकि अन्य जनपदों के लिए यह समय सीमा 14 दिन रखी गई है।
इस संबंध में एकल सदस्यीय आयोग के सदस्य सचिव व अपर सचिव पंचायती राज ओमकार सिंह की ओर से शुक्रवार को आदेश जारी किए गए हैं। पंचायत चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए सीटें निर्धारित किए जाने से पूर्व ट्रपल टेस्ट की कार्यवाही की जानी अनिवार्य है। इस कार्य को पूरा करने के लिए जारी आदेश अनुसार, आरक्षण की पूरी प्रक्रिया संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारियों को उत्तरदायी बनाया गया है जबकि मुख्य विकास अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।
अन्य पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या के निर्धारण के लिए हरिद्वार जनपद में जिलाधिकारी की ओर से ग्राम, क्षेत्र और जिला पंचायत वार सूचियां तैयार कर निदेशक पंचायतीराज को सात अगस्त तक उपलब्ध कराने को कहा गया है जबकि अन्य जिलों के लिए यह समयसीमा 14 अगस्त तक तय की गई है।