हरिद्वार जिला पंचायत चुनाव में पहली बार भगवा बुलंद होता दिखाई दे रहा है। देर शाम तक जिला पंचायत की 44 सीटों में से 26 सीटों के जो नतीजे आए हैं, उनमें सर्वाधिक 14 सीटें लेकर भाजपा फिलहाल सबसे आगे है। नौ सीटों के साथ बसपा उसे टक्कर दे रही है। दो सीटों पर कांग्रेस और एक पर आप ने जीत दर्ज कर ली है।
अंतिम परिणाम आने तक बाजी भाजपा और बसपा में किसी भी दल के हाथ लग सकती है। अभी तक के परिणाम से भाजपा बेहद उत्साहित है। पार्टी ने जिले में अब तक हुए चार जिला पंचायत चुनावों में चार से अधिक सीटें नहीं जीती थीं। 14 सीटें जीत कर पार्टी की निगाह अब जिला पंचायत की सत्ता पर लगी है।
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हालांकि अंतिम परिणाम आने के बाद ही असली तस्वीर साफ होगी। जिले में नतीजों को लेकर दलों और प्रत्याशियों के समर्थकों में गहमाहमगी बनी हुई है। कई स्थानों पर टकराव, पथराव और मारपीट की घटनाएं भी सामने आई हैं। टिकोला सीट पर बसपा प्रत्याशी की जीत के बाद हंगामा हो गया, यहां भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया।
2024 लोस चुनाव के लिए संजीवनी : भट्ट
इस जीत ने भाजपा की विधानसभा चुनाव की हार के जख्म पर मरहम का काम किया है। विधानसभा चुनाव में भाजपा 11 में से तीन सीटों पर सिमट गई थी, जबकि 2017 में उसने आठ सीटें जीतीं थीं। बकौल भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, यह जीत 2024 के चुनाव के लिए संजीवनी का काम करेगी। उन्होंने कहा कि जनता ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मेहनत और काम को सराहते हुए उन्हें ये उपहार दिया है। जनता ने सीएम पुष्कर धामी के काम और उनकी नीतियों पर भी मुहर लगा दी है। वहीं अंकिता हत्याकांड के मद्देजनर भाजपा हरिद्वार पंचायत चुनाव में जीत का जश्न नहीं मनाएगी। भट्ट ने इस संबंध में जिलाध्यक्ष को निर्देश जारी कर दिए हैं।
जिला पंचायत चुनाव में कांग्रेस को करारा झटका लगा है। अभी तक उसके खाते में दो सीटें ही आई हैं। हरिद्वार ग्रामीण सीट से पूर्व सीएम हरीश रावत और उनकी बेटी अनुपमा के हिस्से में कुछ खास नहीं लगा। बताया जा रहा है कि अनुपमा के क्षेत्र की चारों सीटों पर कांग्रेस हार गई। भाजपा को सबसे अधिक चार सीटें पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद के क्षेत्र से मिलीं। लक्सर में भी भाजपा ने तीन सीटें जीतीं।