पुराना कूड़ा अभी तक नहीं हुआ निस्तारित
प्लांट में पहले से करीब 60 हजार मीट्रिक टन कूड़े के पहाड़ खड़े थे। पहले आगे की तरफ के पहाड़ हटाकर निस्तारण शुरू करते हुए 40 हजार मीट्रिक तक कूड़ा निस्तारित कर दिया गया। लेकिन इसके बाद बारिश से गति धीमी पड़ गई। अब फिर से प्लांट में कूड़ा जमा होने से ढेर लगने शुरू हो गए।
तीन भागों में निस्तारित होकर आता है कूड़ा
रोजाना शहर से निकलने वाले 220 मीट्रिक टन कूड़े में से गीला कूड़ा निकलने के बाद करीब 140 एमटी सूखा कूड़ा बचता है। मशीन से निस्तारित होकर तीन भागों में कूड़ा निकलता है। जिसमें कंपोस्ट, इनर्ट, आरडीएफ निकलता है। कंपोस्ट यानि खाद के रूप में एक भाग होता है। जबकि दूसरा इनर्ट खराब मैटेरियल होता है। तीसरे में कपड़ा, पत्थर, प्लास्टिक आदि होते हैं।
प्लांट में निस्तारण का कार्य चल रहा है। संबंधित कंपनी के अधिकारियों से भी जानकारी ली गई है। बारिश से कूड़ा गीला होने के कारण सूखाकर निस्तारण किया जा रहा है। जितना कूड़ा सूख रहा है उसका निस्तारण हो रहा है। सफाई व्यवस्था की तरफ पूरा ध्यान दिया जा रहा है। प्लांट का मौका मुआयना भी किया जाएगा।
- अनिता शर्मा, मेयर
कांवड़ मेले के दौरान सफाई की क्या-क्या व्यवस्थाएं रही। कितने शौचालय बनाए गए और कितना मीट्रिक टन कूड़ा मेला क्षेत्रों से निकला, निस्तारण के लिए कहां भेजा गया, इससे संबंधित पूरा जवाब बनाकर हाईकोर्ट को भेज दिया गया है। कोर्ट ने इस पर संतोष भी जताया है। अब सभी 13 जिले के जिलाधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्र की सफाई की स्थिति के बारे में छह सप्ताह के अंदर हाईकोर्ट को जवाब दिया जाना है।
- विनय शंकर पांडेय, जिलाधिकारी हरिद्वार