गोली लगने से घबराए गयापाल ने जब अपनी कमर के पास हाथ फेरा तो वहां से खून निकल रहा था। गयापाल ने जब शर्ट ऊपर उठाकर देखी तो पिस्टल की गोली वहां पर रखे चाबी के गुच्छे पर लगी थी। जिसके चलते गोली अंदर नहीं घुस सकी। छर्रे लगने से गयापाल की पीठ के पास दो घाव भी बन गए। इसी बीच शराब कारोबारी सागर जायसवाल भी वहां पहुंच गए और लूट की सूचना पुलिस को दी।
लूट की सूचना मिलते ही एसएसपी सैंथिल अबूदाई कृष्णराज एस, एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय, सीओ सिटी पूर्णिमा गर्ग, कनखल थाना प्रभारी अध्यक्ष चंद्र मोहन सिंह सहित कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। देर रात शुरू हुई लुटेरों की तलाश सोमवार को भी जारी रही, लेकिन पुलिस के हाथ कोई खास कामयाबी नहीं लग पाई। पूरी घटना को लेकर शराब कारोबारी के मैनेजर गयापाल की तहरीर पर तीन बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
एसएसपी का कहना है कि लुटेरों की धरपकड़ को एसओजी और कई टीम को लगाया गया है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज देखने के साथ सक्रिय अपराधियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द ही उन्हें पकड़ लिया जाएगा।
एसएसपी सेंथिल अबूदाई कृष्णराज एस ने लूटी गई नकदी का सही आंकलन कराने के लिए देर रात ही करीब दो बजे शराब के तीन ठेकों के स्टॉक और कलेक्शन को चेक कराया। करीब 22 लाख रुपये की नकदी का कलेक्शन पाया गया। शराब कारोबारी का भेल के सेक्टर छह में अंग्रेजी शराब और रोशनाबाद व नया गांव में एक-एक देसी शराब का ठेका है।
20 मिनट देर से दी पुलिस को लूट की सूचना
शराब कारोबारी लूट की घटना से इतने भयभीत हो गए कि वह समय से पुलिस को सूचना भी नहीं दे सके। शराब कारोबारी के मैनेजर गयापाल को गोली लगने से इतना डर गए कि वह 15 मिनट तक कांपते ही रहे। इसी बीच शराब कारोबारी सागर जायसवाल वहां पहुंचे और गयापाल और संजय को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इन सब के बीच शराब कारोबारी और उसके कर्मचारियों को पुलिस को सूचना देने में करीब 20 मिनट का समय लग गया। नतीजा यह हुआ कि लुटेरों को भागने का पूरा मौका मिल गया।
चाबी का छल्ला, पिस्टल और 315 बोर के खोखे कब्जे में लिया
लूट की घटना में पिस्टल से मैनेजर गयापाल पर चलाई गई गोली के खोके और 315 बोर के तमंचे से की गई हवाई फायरिंग के खोखे को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। इसके साथ ही पुलिस ने गयापाल से उस चाबी के गुच्छे को भी अपने कब्जे में ले लिया जिस पर पिस्टल से गोली लगी थी।