धर्म संसद में नफरती भाषण देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी उर्फ वसीम रिजवी को दो सितंबर तक हरिद्वार जिले में सरेंडर करना है। जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए कहा कि जुमे से पहले वह हरिद्वार जिला कारागार में सरेंडर कर देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि न्यायालय पर पूरा भरोसा है कि उनको न्याय मिलेगा।
पिछले साल हरिद्वार के खड़खड़ी स्थित वेद निकेतन में 17 से 19 दिसंबर तक धर्म संसद आयोजित हुई थी। इसमें कई संतों के अलावा जितेंद्र नारायण त्यागी भी शामिल हुए थे। इससे कुछ समय पहले ही वह धर्मांतरण कर वसीम रिजवी से जितेंद्र नारायण त्यागी बने थे। धर्म संसद में जितेंद्र नारायण त्यागी पर नफरती भाषण देने का आरोप था। इसी आरोप में उनके खिलाफ 23 दिसंबर को हरिद्वार नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ। 13 जनवरी को पुलिस ने नारसन बॉर्डर से उनको गिरफ्तार किया। न्यायालय ने उनको हरिद्वार जेल भेज दिया था।
जितेंद्र नारायण त्यागी की जमानत के लिए हरिद्वार के संतों ने काफी प्रयास किए लेकिन जमानत नहीं मिली। 17 मई को सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल ग्राउंड पर तीन महीने की बेल दी थी। जमानत की अवधि पूरी होने पर सुप्रीम कोर्ट ने जितेंद्र नारायण त्यागी को हरिद्वार जेल में सरेंडर करने के आदेश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जितेंद्र नारायण त्यागी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया है।
एक मिनट 17 सेकेंड के वीडियो में उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हुए वह जुमे से पहले हरिद्वार जेल में सरेंडर कर देंगे। उन्होंने कहा कि वह धर्म संसद मामले में चार महीने की जेल काट चुके हैं। पिछले साल 153 ए में जितने भी मुकदमे लिखे गए थे, उन सभी की जमानतें हो चुकी हैं, इसलिए उम्मीद है कि उनको भी न्याय मिलेगा। वह अदालत का सम्मान करते हैं।
अफगानिस्तान में होता तो फांसी पर लटका दिया जाता
जितेंद्र नारायण त्यागी ने कहा कि वह धर्म संसद मामले में निर्दोष हैं। इस बात की खुुशी जरूर है कि वह हिंदुस्तान में हैं। यदि अफगानिस्तान में होते तो शायद धर्म संसद मामले में घर से निकलने के दिन ही फांसी पर लटका दिए जाते। सोशल मीडिया पर वायरल यह वीडियो स्वामी आनंद स्वरूप समेत कई संतों ने की है।