बता दें कि सुनवाई के लिए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, कांग्रेस विधायक दल के उपनेता भुवन कापड़ी, हल्द्वानी के विधायक सुमित हृदयेश, उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप, विजय सारस्वत भी दिल्ली पहुंचे थे।
रेलवे भूमि अतिक्रमण के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने नैनीताल हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सीएम धामी का बयान भी सामने आया है। सीएम धामी ने कहा कि हमने पहले भी कहा है कि यह रेलवे की जमीन है। इस मामले में हम कोर्ट के आदेश के अनुसार आगे बढ़ेंगे।
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मानवाधिकारों की रक्षा करेगा सुप्रीम कोर्ट का फैसला- हरीश रावत
सुप्रीम कोर्ट का फैसला मानवाधिकारों की रक्षा करेगा। हम सभी अतिक्रमण हटाए जाने के बारे में चिंतित थे। इससे पचास हजार लोग बेघर हो जाते। 2016 में हमने लोगों के पुनर्वास को लेकर कदम उठाए थे। अब सुप्रीम कोर्ट ने भी अतिक्रमण हटाने पर रोक लगा दी।
ये है मामला
बता दें कि हाल ही में हाईकोर्ट ने बनभूलपुरा गफूर बस्ती में रेलवे की 29 एकड़ भूमि पर किए गए अतिक्रमण को ध्वस्तीकरण करने के आदेश दिए थे। इस जगह पर करीब 4365 अतिक्रमणकारी हैं। आदेश के बाद से ही लोग आशियाना बचाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं।